केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों का काफिला दिल्ली पहुंचा राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को किसानों की मांग माननी होंगी और कानून वापस लेने होंगे
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन किसान कानून ( Farmers law ) के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसानों का काफिला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच चुका है। इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ( Congress Leader Rahul Gandhi ) भी किसानों के समर्थन में उतर आए हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि सरकार को किसानों की मांग माननी होंगी और किसान विरोधी काले कानून वापस लेने होंगे। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के किसान संगठन कृषि कानून 2020 ( Agricultural Law 2020 ) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसानों को दुनिया की कोई सरकार नहीं रोक सकती
राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि PM को याद रखना चाहिए था जब-जब अहंकार सच्चाई से टकराता है, पराजित होता है। सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे किसानों को दुनिया की कोई सरकार नहीं रोक सकती। मोदी सरकार को किसानों की माँगें माननी ही होंगी और काले क़ानून वापस लेने होंगे। ये तो बस शुरुआत है! वहीं, किसानों का उग्र प्रदर्शन के सामने दिल्ली पुलिस झुक गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए 9 स्टेडियमों को अस्थायी जेल में बदलने की राज्य सरकार से मांग की है। हालांकि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की अर्जी को खारिज कर दिया है।
केंद्र सरकार को किसानों की मांगें माननी चाहिए
उधर, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की मांगें माननी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की सभी मांग जायज है। अन्नदाता को कारागार में नहीं डाला जा सकता है। यही वजह है कि दिल्ली सरकार ने स्टेडियम को अस्थाई जेल में कनर्वट की मांगों की अर्जी को ठुकरा दिया है।
पथराव की घटना में दिल्ली पुलिस का एक जवान घायल
इससे पहले किसानों के एक समूह ने दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के लिए दोपहर का भोजन तैयार किया, वहीं दूसरे समूह ने राष्ट्रीय राजधानी के अंदर प्रवेश के लिए घंटों इंतजार के बाद पथराव किया। खबरों के मुताबिक, पथराव की घटना में दिल्ली पुलिस का एक जवान घायल हो गया है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए, इसके अलावा आंदोलनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें भी की गई।