व्‍यक्ति के बजाय जन केंद्रित होगा चुनावी दस्‍तावेज घोषणा पत्र दस्‍तावेज सुबह 11 बजे जारी होगा इस मौके पर कांग्रेस के बड़े नेता होंगे मौजूद
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 24 अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय पर मंगलवार को चुनावी घोषणा पत्र जारी करेंगे। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, एमपी के सीएम कमलनाथ सहित पार्टी के सभी शीर्ष नेता मौजूद होंगे। पार्टी मुख्यालय पर सुबह साढ़े 11 बजे एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा पत्र जारी होगा।
अन्याय से न्याय की ओर
इस बार कांग्रेस ने घोषणा पत्र की थीम 'अन्याय से न्याय' की ओर रखी है। पार्टी घोषणा पत्र में न्यूनतम आय योजना (न्याय) लागू किए जाने की बात कही जाएगी। इसके तहत देश के 5 करोड़ परिवार या 25 करोड़ लोगों को सालाना 72 हजार रुपए दिए जाएंगे। यह रकम 12 हजार रुपए महीने तक की आय वाले गरीब परिवारों को मिलेगी। कांग्रेस इसे न्यूनतम आय गारंटी और गरीबी हटाने वाली योजना कह रही है।
एक साल में 22 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
जानकारी के मुताबिक कुशल और अकुशल युवाओं को 22 लाख नौकरियां देने की बात घोषणा पत्र में शामिल है। ये नौकरियां उन पदों को भरकर मिलेंगी जो एनडीए-भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में भरे ही नहीं गए। अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार आती है तो 31 मार्च 2020 तक ये सभी पद भर दिए जाएंगे।
ट्रिपल तलाक कानून हो सकता है रद्द
ट्रिपल तलाक बिल के जरिए भाजपा ने मुस्लिम महिलाओं में पहुंच बनाने की कोशिश की है। दूसरी तरफ ट्रिपल तलाक बिल को लेकर कांग्रेस ने एक सर्वे कराया है। इस सर्वे में ये बातें सामने आई है कि मोदी सरकार के ट्रिपल तलाक कानून में कई कमियां हैं। इसलिए पार्टी सत्ता में आने पर उसे रद्द करने का वादा कर सकती है।
संसद और विधानसभा में 33% आरक्षण
इसके अलावा कांग्रेस के घोषणा पत्र में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध रोकने के लिए एक त्वरित कार्यबल गठित करने, संसद और विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण, सभी को स्वास्थ्य सुविधा मूल अधिकार, किसानों को फसल का उचित दाम और बाजार मुहैया कराने पर जोर होगा। किसानों की ऋण माफी की बड़ी घोषणा कर सकती है। इसके लिए एक विस्तृत योजना तैयार की गई है। इतना ही नहीं नीति आयोग को खत्म कर योजना आयोग को फिर से बहाल करने, आरबीआई पॉलिसी और मौजूदा जीएसटी प्रणाली में कई बड़े बदलावों की घोषणा की जाएगी। जीएसटी के वर्तमान ढांचे को भी पूरी तरह बदलने की बात कही जा रही है।