कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने सीएम सिद्धारमैया के पांच साल के कामकाज का आकलन करते हुए 100 में से 95 नंबर दिए।
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सीएम सिद्धारमैया की सरकार ने 2013 में किए 95 फीसदी वादों को पूरा किया। इस बार 100 फीसदी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने राज्य की जनता की आवाज सुनी है। उन्हीं के मन के अनुरूप हमने पार्टी का मेनिफेस्टो तैयार किया है। आपको बता दें कि कर्नाटक में 12 मई को मतदान होगा और 15 मई को नतीजे आएंगे।
बंद कमरे में तैयार नहीं किया मेनिफेस्टो
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि घोषणा पत्र किसी बंद कमरे में तैयार नहीं किया बल्कि इसे राज्य के लोगों से उनकी जरुरतों को पूछ कर बनाया है। इसे तैयार करने से पहले हमने हर जिले, हर ब्लॉक, हर गांव, हर समुदाय और वर्ग से पूछकर उनकी जरूरतों को मेनिफेस्टों में स्थान दिया है। मेनिफेस्टों में अपने मन से कुछ भी नहीं रखा है। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह लोगों को अपने मन की बात कहते हैं, जबकि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कर्नाटक के लोगों के मन की बात को शामिल किया है। मैं, कर्नाटक के लोगों को ये बताने नहीं आया कि उनके लिए क्या अच्छा है। यहां यह सुनने आया हूं कि वो अपनी बेहतरी के लिए क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लोगों से वादा किया था कि काला धन वापस आने पर हर खाते में 15 लाख रुपए आएंगे लेकिन किसी के खाते में एक रुपया भी नहीं आया।
आरएसएस का होगा भाजपा का घोषणापत्र
राहुल ने पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने सभी वादों को पूरा किया है। भाजपा कर्नाटक की संस्कृति का सम्मान नहीं करती है। भाजपा में कुछ लोग कमरे में बैठकर घोषणा-पत्र बनाते हैं। राहुल ने कहा कि भाजपा का मेनिफेस्टो कर्नाटक की जनता का नहीं, बल्कि आरएसएस का मेनिफेस्टो होगा और उसी के एजेंडे को भाजपा लागू करेगी। देश भर में मोदी सरकार के जरिए आरएसएस के एजेंडे को लागू कर केंद्र सरकार इसका संकेत पहले ही दे चुकी है।
15 दिन बाद है मतदान
आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अब बहुत ही कम वक्त बचा है। प्रमुख पार्टियां मतदाओं को अपने पक्ष में करने के लिए अंतिम दांव खेल रही हैं। पीएम मोदी ने गुरुवार को ही भाजपा के सभी 224 उम्मीदवारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जीत का मंत्र दिया जिसके बाद वह खुद 1 मई से कर्नाटक में चुनाव प्रचार के लिए उतरेंगे।