
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार। (फोटो-ANI)
Karnataka Congress Crisis: कर्नाटक कांग्रेस में अंदरुनी कलह खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। अब मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज विधायक यशवंतराय पाटिल ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, बेलूर से विधायक गोपालकृष्ण के भी जल्द इस्तीफा देने की चर्चा है। इस्तीफे के बाद विधायक यशवंतराय पाटिल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के रवैये से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।
पाटिल ने कहा पार्टी नेतृत्व ने मुझे बहुत आहत किया है। इसलिए मैंने यह फैसला लिया। मामला सिर्फ मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने का नहीं है। पार्टी पिछले कुछ समय से जिस तरह काम कर रही है, उससे भी मैं नाराज हूं।
गौरतलब है कि कैबिनेट विस्तार में जगह नहीं मिलने से नाराजगी के बीच सोमवार को बेंगलुरु में विधायक पीवी जयराचंद्र के आवास पर बैठक हुई। इस दौरान कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक विधायक मौजूद थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीद लगाए बैठे कई विधायकों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। नेताओं ने आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा की। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एचके पाटिल और दिनेश गुंडू राव समेत कई नेता मौजूद रहे।
दरअसल, पार्टी के भीतर असंतोष सिर्फ मंत्री पद से वंचित विधायकों तक सीमित नहीं है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता केएच मुनियप्पा भी अपने विभाग के आवंटन से नाखुश बताए जा रहे हैं। उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में बदलाव की मांग की है। मुनियप्पा ने इस मुद्दे को इसी साल की शुरुआत में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सामने भी उठाया था।
डीके शिवकुमार सरकार के कैबिनेट विस्तार की अंतिम सूची में आखिरी समय में बदलाव किए गए हैं। अब कुल 19 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंकाल वैद्य और गायत्री चंद्रशेखर को अंतिम सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता एसएस मल्लिकार्जुन को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
कैबिनेट विस्तार को लेकर पार्टी के भीतर लगातार चल रही खींचतान ने कांग्रेस नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे कई विधायक अब खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
Updated on:
03 Aug 2026 05:40 pm
Published on:
03 Aug 2026 05:18 pm
