जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने चरमपंथी मौलवियों पर निशाना साधा है।
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने चरमपंथी मौलवियों पर निशाना साधा है। आरके सिंह का कहना है कि घाटी में इस्लाम की चरमपंथी वहाबी विचारधारा हावी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि घाटी में मदरसे और मस्जिदों की कमान अब इन वहाबी लोेगों के हाथों में आ गई है। आरके सिंह ने कहा कि इन बाहर से कुछ मौलवी घाटी में घुस आए हैं और कश्मीरी युवकों को पत्थरबाजी के लिए भड़काते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन लोगों चरमपंथी मौलवियों को हुर्रियत का समर्थन है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन दिनों घाटी में कुछ मस्जिदें वहाबी विचारधारा का समर्थन कर रही हैं। और यह इस्लाम की कट्टरपंथी विचारधारा है। रिपोर्ट के अनुसार इस इन वहाबियों को सऊदी अरब से मोटा फंड दिया जाता है। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में ही मदरसे और मस्जिदों का संचालन मौलवियों के हाथ में आ गया है, जिससने राज्य में उग्रवाद को हवा दे दी है।
आजादी के नाम पर नवयुवकों को भड़कानें और उकसाने में इन चरमपंथियों को बड़ा हाथ है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री आरके सिंह से जूम्मू और कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी नेता मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर भी पर निशाना साधा। महबूबा की सलाहुद्दीन और यासीन मलिक वाली धमकी पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह की धमकियों का हम पर कोई असर नहीं होगा। लिहाजा ऐसी धमकियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले पूर्व सीएम महबूबा ने भाजपा की ओर इशारा करते हुए कहा था कि अगर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को तोड़ने का प्रयास किया गया तो न जाने कितने सलाउद्दीन पैदा हो जाएंगे। महबूबा ने कहा कि 1987 के चुनावों गडबड़ी के बाद ही सलाउद्दीन और मलिक पैदा हुए थे। यहां महबूबा ने भाजपा का नाम लिया बिना उस पर जमकर निशाना साधा।