
बागपत : यूपी सरकार में मछली मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 संजय निषाद ने मंदिर और मस्जिद को लेकर एक विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि देश के अंदर जितनी भी मस्जिद मंदिर के पास बनी है । वहां से मस्जिद को हटा देना चाहिए। ज्ञानवापी मामले में फैसले का समर्थन करते हुए जज को बधाई दी ।
संजय निषाद ने यह बयान अपने बागपत दौरे के दौरान दिया है । जब उनसे पूछा गया कि आप ज्ञानवापी मामले में क्या कहेंगे तब उन्होंने जज को बधाई देते हुए कहा कि मंदिर की जगह पर मंदिर बनना चाहिए और मस्जिद को अलग शिफ्ट किया जाना चाहिए। जिस तरह से राम मंदिर मामले में हुआ है। राम मंदिर शांत पूर्वक बन रहा है और मस्जिद दूसरे जगह बन रहा है।
मदरसों में मिलते हैं आतंकी कनेक्शन
डॉ0 संजय निषाद से कहा कि मदरसों का आतंकी कनेक्शन रहा है। जब भी कोई आतंकी पकड़ा जाता है तब उसका लिंक मदरसों से होता है। योगी सरकार मदरसों को सर्वेक्षण करा रही है। मुल्लों को सरकार का साथ देना चाहिए । आप लोगों ने अभी तक देखा होगा कि जितने भी अपराधी और आंतकी मिले हैं उनका लिंक मदरसों से ही रहा है।
योगी सरकार मदरसों के बच्चों को डॉ0 और इंजीनियर बनाना चाहती हैं लेकिन यह मौलाना लोग इन्हें आतंकी बनाना चाहते हैं। मौलाना लोग सोचते हैं कि अगर मदरसों के बच्चें पढ़ लिख लेंगे तो उनका कहना नहीं मानेंगे और उत्पाद को मचाएगा। इसलिए मौलाना लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
अखिलेश और मायावती पर हमला बोले
डॉ0 संजय निषाद ने अखिलेश और मायावती पर हमले बोलते हुए कहा प्रदेश में सबसे ज्यादा गरीब मुसलमान ही हैं। ये पार्टियां मुसलमानों के नाम पर वोट तो लेती थी लेकिन इनके लिए कोई काम नहीं की । साइकिल और हाथी ने तो इन्हें वोटबैंक के लिए प्रयोग किया है।
मोदी और योगी गरीब, पिछड़ों और मुसलमानों के हित में काम कर रहे हैं। आज भाजपा सरकार गरीबों के लिए फ्री राशन बांट रही हैं। जिससे प्रदेश में गरीबी कम हो रही है। इसके अलावा प्रदेश में डबल इंजन की सरकार गरीबों को मकान, फ्री शिक्षा और फ्री स्वास्थ्य दे रही हैं। यह बात मुसलमानों को पता चल गई है।
निषाद को दिमाग का इलाज करना चाहिए : देवबंदी उलेमा
बागपत के मंत्री संजय निषाद के बयान पर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी मुस्तफा देहलवी ने कड़े शब्दों में विरोध करते हुए कहा कि संजय निषाद का दिमाग खराब हो गया है। उन्हें अपना इलाज करा लेना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि मदरसों से आतंकवादी नहीं, देशभक्ति निकलते हैं।