
शरद पवार और उद्धव ठाकरे पहुंचे जंतर-मंतर (Photo: X/@abhijeet_dipke)
Maharashtra Bandh VBA: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के समर्थन में महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन लामबंद हो गया है। राज्य के लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दल प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। इस मुद्दे पर शरद पवार, उद्धव ठाकरे, प्रकाश आंबेडकर और कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए एकजुटता दिखाई है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इस बीच, वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को 'महाराष्ट्र बंद' का आह्वान किया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार मंगलवार को अपनी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी मंगलवार देर रात जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद नहीं थी कि सरकार इस तरह से प्रदर्शन से निपटेगी, ऐसा व्यवहार करेगी।"
अभिजीत दीपके के साथ मंच से उद्धव ठाकरे ने कहा, "मैं यहां भाषण देने नहीं आया हूं, बल्कि युवा शक्ति को नमन करने आया हूं। यह चिंगारी अब बुझने वाली नहीं है। शायद आजादी के बाद पहली बार हम ऐसी सरकार देख रहे हैं, जिसने देश के भविष्य यानी युवाओं पर लाठीचार्ज कराया है।"
उधर, वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया और समान विचारधारा वाले दलों और आम नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील की।
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा का शासन अंग्रेजों से भी बदतर हो गया है। सरकार कहती है कि यह बिना चेहरे वाला आंदोलन है, लेकिन उसी आंदोलन से वह सबसे ज्यादा परेशान है। भाजपा लोकतंत्र और छात्रों दोनों के खिलाफ है।
आदित्य ने आरोप लगाया कि दिल्ली में पुलिस ने बच्चों और महिलाओं पर लाठीचार्ज किया, जबकि मुंबई में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर कानूनी या पुलिस कार्रवाई हुई है, वे पार्टी द्वारा जारी ईमेल आईडी पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही वकीलों से अपील की गई है कि वे ऐसे मामलों में निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएं।
शरद पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारतीय संविधान हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नागरिकों को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर उचित कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने जंतर-मंतर पर पुलिसिया कार्रवाई पर कहा, "हम इसका निषेध करते हैं, लोकतंत्र में सभी को आंदोलन करने का अधिकार है, युवा शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे। सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर आंदोलन को खत्म करने का प्रयास किया गया। इस सरकार के दिन भर गए हैं, और यह आने वाले चंद दिनों में आपको लाठीचार्ज का बदला दिखेगा। युवा इस सरकार को सत्ता से नीचे उतारकर ही रुकेगा, यह हमें विश्वास है।"
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की मां ने कहा, "यह गलत था, यह बहुत गलत था। लाठीचार्ज नहीं किया जाना चाहिए था। अधिकारियों को समझदारी और परिपक्वता के साथ स्थिति को संभालना चाहिए था। बच्चे क्या कर रहे थे? वे एक महीने से वहां बैठे थे और कुछ भी गलत नहीं कर रहे थे। उन पर लाठीचार्ज क्यों किया गया? ऐसा नहीं होना चाहिए था।"
Updated on:
22 Jul 2026 09:48 am
Published on:
22 Jul 2026 09:42 am
