राजनीति

मोदी जी का मेक इन इंडिया फेल हो चुका है : राहुल गांधी

जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव की ओर से आयोजित 'सांझी विरासत सम्मेलन' में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आरएसएस और पीएम पर हमला बोला।
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Updated: 17 Aug 2017, 3:17 PM IST
Rahul gandhi
सांझी विरासत सम्मेलन के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव की ओर से दिल्ली में आयोजित किए गए 'सांझी विरासत सम्मेलन' में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। राहुल ने सम्मेलन में पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी जी हमें स्वच्छ भारत नहीं, सच भारत चाहिए। राहुल ने कहा कि आज देश के हर राज्य में किसान रो रहे हैं। सरकार को किसानों की आत्महत्या की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे आंदोलन के बाद ही यूपी के किसानों का कर्ज माफ किया गया। पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि मोदी जी का मेक इन इंडिया फेल हो गया है। आज हर तरफ मेड इन चाइना दिखता है। राहुल ने कहा कि मोदी जी ने 2 करोड़ रोजगार देने का वादा था, लेकिन तीन साल में मात्र 1 लाख युवाओं को रोजगार मिल पाया है। इन 1 लाख में से 30 हजार युवाओं को रोजगार हमारी कर्नाटक सरकार ने दिया है।


आरएसएस पर किया कड़ा प्रहार
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस सम्मेलन में आरएसएस पर भी कड़ा प्रहार किया। राहुल ने कहा कि आरएसएस ने तिरंगे को तब तक सलामी नहीं दी जब तक सत्ता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आरएसएस देश का संविधान बदलना चाहती है। इसके लिए हर संस्था में आरएसएस के लोगों को बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस कभी भी चुनाव नहीं जीत सकती।


विपक्ष को एकजुट होकर लड़ना होगा
राहुल गांधी ने सम्मेलन में विपक्ष को एकजुट करने का भी आह्वान किया। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी की गलत नीतियों से देश का विनाश हो रहा है। इसके रोकने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश को लूटने वाले लोग हैं तो दूसरी तरफ देश को देने वाले। राहुल ने कहा कि अभी तक किसी के भी अकाउंट में 15 लाख रुपए नहीं आए हैं, जबकि 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपए 15 उद्योगपतियों को बांट दे दिए गए हैं।


संविधान की रक्षा करना सम्मेलन का उद्देश्य: शरद यादव

शरद यादव ने कहा इस सम्मेलन का उद्देश्य संविधान की प्रस्तावना की रक्षा करना है जिसमें देश की एकता का उल्लेख है। साझी विरासत का मकसद ही यही है कि देश में सभी धर्म, जाति के लोग एक साथ मिल जुल कर रहें। सम्मेलन में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि हमने आज़ादी की लड़ाई लड़ी, लेकिन आज वो लोग राष्ट्रवाद की बात करते हैं जिनका कोई योगदान नहीं रहा। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा अभी लोग इमरजेंसी की बात करते है, लेकिन आज तो लोकतंत्र ही नहीं बचा है। सम्मेलन में अन्य दलों के नेताओं ने भी अपनी राय रखी।

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17 Aug 2017, 3:17 PM IST
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