राजनीति

‘चुप रहोगे तो राष्ट्रपति बना दिए जाओगे’, मोदी सरकार को लेकर सत्यपाल मलिका का बड़ा खुलासा

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिका ने एक बार फिर मोदी सरकार खिलाफ बयान दिया है। मलिक ने मोदी सरकार पर किसानों के वादे पूरा ना करने का आरोप लगाने के साथ ही कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए हैं।

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Mar 07, 2022
Satya Pal Malik target Modi Govt they told me If you keep quiet, you will Be President

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) पिछले कुश समय से लगातार मोदी सरकार पर निशाना साधते आ रहे हैं। फिर चाहे वो कश्मीर का मुद्दा हो या फिर किसानों का परेशानी। इसी कड़ी में सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। मलिक ने पीएम मोदी (PM Narendra Modi) पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति पद का लालच दिया। यही नहीं इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया है। सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार पर तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के बाद किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में मेरा कार्यकाल अगले छह से सात महीनों में खत्म हो जाएगा।


'आउटरीच अभियान' से किसानों को करूंगा एकजुट

मोदी सरकार से नाराज मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक यही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि, अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद 'मैं उत्तर भारत के सभी किसानों को एकजुट करने के लिए एक आउटरीच अभियान शुरू करूंगा।'

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'चुप रहोगे तो राष्ट्रपति बन जाओगे'

सत्यपाल मलिक ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए एक अहम खुलासा भी किया। उन्होंने कहा कि, 'मुझसे कहा गया कि चुप रहोगे तो राष्ट्रपति बना दिए जाओगे।' मलिक ने कहा कि, उन्होंने मुझे हर एंगल से लुभाने की कोशिश की, लेकिन मैंने साफ इनकार कर दिया। मैंने कहा कि, जब बात किसानों के हित की है तो मुझे कोई भी प्रस्ताव मंजूर नहीं।


BJP के नेता रहे मलिक कृषि सुधारों के आलोचक रहे हैं। मलिक ने सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, ‘हमने 700 से ज्यादा किसानों को खो दिया, लेकिन एक डॉग की मौत पर लैटर लिखने वाले प्रधानमंत्री ने उन किसानों की मौत पर एक शब्द तक नहीं बोला।'

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार MSP पर कानूनी गारंटी देने में विफल रही है, क्योंकि पीएम मोदी के मित्र, जिन्होंने तीन कृषि कानून लाए जाने से पहले पानीपत में 50 एकड़ जमीन पर गोदाम का निर्माण किया था, वो कम कीमत पर गेहूं खरीदना चाहते हैं। यही नहीं इसे ऊंची कीमत पर भी बेचना चाहते हैं।


निशान साहिब फहराने का फैसला सही

पिछले साल 26 जनवरी को कथित आंदोलनाकरियों द्वारा दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर निशान साहिब का झंडा फहराए जाने को सही ठहराते हुए मलिक ने कहा कि वह फैसला गलत नहीं था।

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Published on:
07 Mar 2022 04:14 pm
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