राजनीति

वेब सीरीज Tandav को लेकर चढ़ा सियासी पारा, शिवसेना ने BJP पर कसा तंज

अमेजन की वेब सीरीज Tandav को लेकर हो रहे विरोध पर चढ़ा सियासी रंग शिवसेना ने सीरीज का विरोध कर रही बीजेपी पर कसा तंज शिवसेना बोली- बीजेपी अब हास्य और व्यंग्य करने वाली पार्टी बनती जा रही
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Jan 21, 2021
Web Series Tandav
वेब सीरीज तांडव का दृश्य ( फाइल फोटो )

नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम( Amezon Prime ) पर आई वेब सीरीज 'तांडव' ( Tandav ) को लेकर अब सियासी पारा हाई होता जा रहा है। हिंदू देवी देवताओं के अपमान पर फोकस ये विरोध अब राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का अखाड़ा बनता जा रहा है। बीजेपी जहां देशभर में वेब सीरीज को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। वहीं बीजेपी के बाद अब शिवसेना ( Shivsena ) भी इस मामले में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।

हालांकि शिवसेना ने वेब सीरीज को लेकर कोई बयान नहीं दिया है बल्कि इस सीरीज का विरोध कर रही बीजेपी को लेकर तंज कसा है।

वेब सीरीज तांडव को लेकर जारी विवाद में अब शिवसेना भी कूद गई है। शिवसेना ने इस वेब सीरीज को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है और सामना के संपादकीय में खिल्ली उड़ाई है।

शिवसेना ने कहा है कि बीजेपी अब हास्य-व्यंग्य का विषय बन गई है। बीजेपी रोजाना नए स्वांग-ढोंग रचकर जनता का मनोरंजन करने का प्रयास करती है, लेकिन उनके प्रपंची जनता को पसंद नहीं आते।

ऐसे कसा तंज
शिवसेना ने सामना में कहा है, 'तांडव नाम की एक वेब सीरीज हाल ही में प्रदर्शित हुई है। कहा जाता है कि यह सीरीज मौजूदा राजनीति की वास्तविकता पर आधारित है।

दिल्ली की राजनीति, यूनिवर्सिटी में सियासी खींचतान, इस तरह के कुछ विषय इसमें दिखाए गए हैं। इस बीच इस सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं के संदर्भ में कुछ आपत्तिजनक संवाद होने का हो-हल्ला बीजेपी ने मचाया है।

भगवान शंकर और नारद के संवाद में श्रीराम का उल्लेख उपहासात्मक तरीके से किए जाने का 'तांडव' बीजेपी ने शुरू किया।

बीजेपी ने जो 'तांडव' शुरू किया है, उसमें प्रामाणिकता का अंश कितना है, उस पर संदेह है। सामना ने लिखा है कि जो 'तांडव' के विरोध में खड़ी है, वही बीजेपी भारत माता का अपमान करनेवाले उस अर्णब गोस्वामी के संबंध में मुंह में अंगुली दबाकर चुप क्यों बैठी है?

शिवसेना ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं के संदर्भ में किसी भी प्रकार के अपमानजनक संवाद शिवसेना ने कभी भी बर्दाश्त नहीं किए।

इसके लिए शिवसेना ने एमएफ हुसैन का भी हवाला दिया। दरअसल एम एफ हुसैन महान चित्रकार थे, लेकिन उन्होंने हिंदू देवताओं के चित्र जिस तरह से बनाए, उस पर शिवसेना ने आपत्ति जताई थी।
शिवसेना के विरोध के चलते विवाद इतना बढ़ा गया था कि एमएफ हुसैन को देश छोड़कर जाना पड़ा था।

Published on:
21 Jan 2021 12:44 pm
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