महाराष्‍ट्र में सत्ता के लिए जारी सियासी संघर्ष का असर अब बिहारी की राजनीति में पड़ने लगा NDA और BJP से रिश्ता टूटने के बाद उद्धव ठाकरे ने को बिहार गठबंधन पर सवाल खड़ा कर दिया
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सत्ता के लिए जारी सियासी संघर्ष का असर अब बिहारी की राजनीति में पड़ने लगा है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी से रिश्ता टूटने के बाद शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने बिहार गठबंधन पर सवाल खड़ा कर दिया है।
शिवसेना ने कहा कि बिहार में विपरीत विचारधारा वाले जेडीयू और लोजपा के साथ भाजपा का गठबंधन कैसे चल रहा है? उद्धव के इस बयान से बिहार में सियासी पारा चढ़ गया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में किसी भी दल या गठबंधन की सरकार न बनाने की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। शिवसेना ने भाजपा पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाया है।
शिवसेना का आरोप है कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री का फॉर्मूला तय किया था।
इसके साथ शिवसेना ने कहा कि उसकी महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कांग्रेस व एनसीपी से बातचीत जारी है।
उद्धव ठाकरे ने भाजपा के सामने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि विपरीत विचारधारा वाली जेडीयू, लोकजन शक्ति पार्टी , पीडीपी और टीडीपी के साथ उसका गठबंधन कैसे चल पाया था।
शिवसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि इसी तरह से उनको भी कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन करने में कोई समस्या नहीं आएगी।
उद्धव ठाकरे के इस बयान पर जेडीयू ने पलटवार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने शिवसेना का एनडीए से बाहर जाना गलत बताया।