स्मृति ने कहा है कि किसी का भा मूल्यांकन उसकी वेश-भूषा से नहीं, बल्कि के काम से किया जाना चाहिए।
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनके पहवाने पर की गई टिप्प्णी का करारा जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उनकी पहचान उनका काम है, न कि उनके फुटवियर या पहनावा। एक अंग्रेजी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में बात कर रही स्मृति ने कहा है कि किसी का मूल्यांकन उसकी वेश-भूषा से नहीं, बल्कि के काम से किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कपड़ा और फैशन इंडस्ट्री को एक समान बढ़ावा देने की बात कही। स्मृति ने कहा कि कपड़ा उद्योग को लेकर लोगों का नजरिया अलग-अलग है।
अब अच्छे सूट की तारीफ के दिन गए
स्मृति ने कहा कि भारत में पहनावा अब प्रयोगात्मक रूप ले चुका है। कपड़े को लेकर नित नए प्रयोग सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोगों के पास अच्छा सूट होने पर तारीफ की जाती थी। अब तो पुरुष पहनावे को लेकर अधिक सजग हो गए हैं। हालांकि अभी भी महिलाएं पहनावे को लेकर सजगता में पुरुषों से आगे हैं।
पहले भी घट चुकी घटना
बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री को अश्लील इशारे करने वाले डीयू छात्रों को पुलिस ने गिफतार कर लिया था। यह घटना एक अप्रैल 2017 को उस समय घटी थी, जब स्मृति दिल्ली एयरपोर्ट से अपने सरकारी आवास पर लौट रही थी। आरोप पत्र के अनुसार घटना वाले दिन रात को दिल्ली युनिवर्सिटी के चार छात्रों ने स्मृति ईरानी की गाड़ी का पीछा किया था। ये चारों छात्र शराब के नशे थे। इन छात्रों ने केन्द्रीय मंत्री की कार का पीछा करते हुए उनको गंदे इशारे भी किए। ये चारों युवक हरियाणा नंबर की एक कार में सवार थे और उन्होंने म्यांमार दूतावास के पास से मंत्री का पीछा करना शुरू कर दिया था।