'महिलाएं प्रताड़ित होने के लिए काम पर नहीं जातीं। वे काम करती हैं ताकि अपने सपने पूरे कर सके और अपनी जिंदगी सम्मान के साथ जी सकें।'
नई दिल्ली। महिलाओं के साथ यौन दुर्व्यवहार करने वालों के नाम उजागर करने की मुहिम #MeToo पर अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं प्रताड़ित होने के लिए काम पर नहीं जातीं। वे काम करती हैं ताकि अपने सपने पूरे कर सके और अपनी जिंदगी सम्मान के साथ जी सकें। स्मृति ने उम्मीद जताई कि आरोप लगाने वाली सभी महिलाओं को इंसाफ मिलेगा।
एमजे अकबर पर यह बोलीं स्मृति ईरानी
उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के मंत्री एमजे अकबर पर भी कई महिलाओं ने आरोप लगाए हैं। स्मृति ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'इस मसले पर वही बोलें तो अच्छा रहेगा। मैं इस बात की सराहना की करती हूं कि मीडिया उनकी सभी साथी महिलाकर्मियों से बात कर रही है। इस मुहिम के तहत जो भी बोल रहा है उसे शर्मिंदा नहीं किया जाना चाहिए और उसका मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए।'
कई दिग्गजों पर लगे हैं संगीन आरोप
महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न को लेकर दुनियाभर में मीटू कैंपेन चल रहा है। इस अभियान के तहत कई महिलाओं ने कई दिग्गज पुरुषों पर अतीत में यौन दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। लेखक, पत्रकार और अभिनेता से लेकर केंद्रीय मंत्री तक इस मुहिम के चलते निशाने पर आ गए हैं। इस फेहरिस्त में आलोक नाथ, नाना पाटेकर, कैलास खैर जैसे कई दिग्गजों पर गंभीर आरोप लग चुके हैं।