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Chhattisgarh Congress Protest: फिर साथ नजर आई जय-वीरू की जोड़ी, धरने पर दोनों के बीच में बैठे दीपक बैज, कहा- तो करेंगे उग्र आंदोलन

Chhattisgarh Congress Protest: शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव में प्रचार के दौरान हुए विवाद के बाद कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ भाजपा नेता ने दर्ज कराई एफआईआर, इसके बाद से मचा हुआ है बवाल, प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता एक साथ आए नजर

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Chhattisgarh Congress Protest, PCC president

Former Deputy CM, PCC president and Former CM (Photo- Patrika)

विश्रामपुर। सूरजपुर जिले के नगर पंचायत शिवनन्दनपुर में पहली बार हो रहे नगरीय निकाय चुनाव के बीच शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब बड़े आंदोलन (Chhattisgarh Congress Protest) का रूप ले चुका है। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के विरुद्ध आम्र्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किए जाने के विरोध में कांग्रेस का बिश्रामपुर थाना के सामने शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन और अधिक उग्र हो गया। तपती गर्मी के बावजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक लगातार धरना स्थल पर डटे हुए हैं। धरना स्थल मंगलवार को पूरी तरह राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम समेत सरगुजा संभाग के कई बड़े नेता धरने में शामिल हुए।

कांग्रेस ने साफ संकेत दिए कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज करते हुए क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज (PCC president Deepak Baij) ने धरना स्थल से अपने उद्बोधन में आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन और पुलिस का दुरुपयोग कर चुनाव जीतना चाहती है।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन चुनाव संचालन और प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, इसलिए उन्हें चुनाव मैदान से दूर करने की साजिश के तहत झूठा मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमों, दमन और भय की राजनीति से कांग्रेस की आवाज कभी दबने वाली नहीं है।

यदि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। हम चुनाव आयोग तक जाएंगे और पूरे मामले की शिकायत करेंगे। दीपक बैज ने पुलिस प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं (BJP leaders) के इशारे पर कार्रवाई की जा रही है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलने का प्रयास

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel) ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में विपक्ष के नेताओं को बिना ठोस साक्ष्य के गंभीर धाराओं में फंसाया जाए, वहां लोकतंत्र खतरे में है।

उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति पर इतना गंभीर आरोप लगाया गया है तो पुलिस को पहले निष्पक्ष जांच करनी चाहिए थी। सीसीटीवी फुटेज देखने के बजाय सीधे आम्र्स एक्ट लगा दिया गया। यह न्याय नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है। भाजपा प्रशासन का उपयोग विपक्ष को डराने के लिए कर रही है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी और किसी भी कार्यकर्ता को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा है अब यदि शासन प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर सभी जिले में भूख हड़ताल व बंद का आह्वान किया जाएगा।

निष्पक्ष होनी चाहिए पुलिस-प्रशासन की भूमिका

पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव (Former Deputy CM TS Singh Dev) ने कहा कि लोकतंत्र में पुलिस प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष होनी चाहिए, लेकिन यहां सत्ता के दबाव में एकतरफा कार्रवाई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी घटना की जांच किए बिनाए केवल राजनीतिक दबाव में मामला दर्ज होगा तो जनता का विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा।

कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

चुनाव हारने के डर से बना रहे प्रशासनिक दबाव

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा (BJP) पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को झूठे मुकदमों और दमन से डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता संघर्ष से पीछे हटने वाला नहीं है। चुनाव हारने के डर से प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन कांग्रेस सडक़ से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी।

धरना स्थल पर रेडक्रॉस सोसायटी सरगुजा के सभापति आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, पूर्व संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े, राज्य श्रम कल्याण मंडल के पूर्व चेयरमैन शफी अहमद, राज्य अनुसूचित आयोग के पूर्व चेयरमैन भानुप्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष शशि सिंह, सुभाष गोयल, भगवती राजवाड़े, नरेश राजवाड़े, रमेश दनौदिया, संजय डोसी, सुनील अग्रवाल, इस्माइल खान, पंकज तिवारी, वेद प्रकाश मिश्र,

नवीन जायसवाल, मंडल अध्यक्ष चंदन सिंह, रामलाल सोनी, मेहंदी यादव, पवन अग्रवाल, विकास सिंह, चंदा सिंह, छन्दा श्री, बबिता गुप्ता, अंशुल गोयल, आकाश साहू, जफर हैदर, दीप्ति स्वाई, विमला सिंह, जरीना सुल्ताना, लिली राजवाड़े, भावना सिंह, जाकेश राजवाड़े, मंठुराम सांडिल्य, संजीत यादव, सोमू सिंह, आशीष यादव और विनय सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरने में शामिल रहे। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन पर अपराध दर्ज होने के विरोध में गुदरी बाजार भी बंद रहा।

Chhattisgarh Congress Protest: एक नजर में ये है पूरा मामला

कांग्रेस नेताओं के अनुसार शनिवार रात भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के निवास पहुंचे और उन्हें उकसाने का प्रयास किया। इसके बाद रविवार रात करीब 8 बजे नरेंद्र जैन अपने मेन रोड स्थित व्यवसायिक प्रतिष्ठान के सामने लोगों से कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान (Voting) करने की अपील कर रहे थे। इसी दौरान मित्तल पांडेय अपने एक साथी के साथ कार से वहां पहुंचे और चुनावी जीत-हार को लेकर विवाद शुरू हो गया।

कांग्रेसियों का आरोप है कि मित्तल पांडेय ने वहां मौजूद लोगों से अभद्रता की और सत्ता की धमकी देते हुए वहां से चले गए। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी की रिपोर्ट पर बिश्रामपुर थाने में नरेंद्र जैन के खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि नरेंद्र जैन ने मित्तल पांडेय पर कटार अड़ा दी थी।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि बिना सीसीटीवी फुटेज (CCTV footage) जांचे गंभीर धाराओं में मामला कैसे दर्ज कर लिया गया। कांग्रेस की 3 प्रमुख मांगों में नरेंद्र जैन पर दर्ज आम्र्स एक्ट की धारा तत्काल हटाई जाए। नरेंद्र जैन की पत्नी की शिकायत पर भी अपराध दर्ज किया जाए तथा बिश्रामपुर थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित किया जाए।