पार्टी के सांसदों से विपक्ष के सांसदों से तालमेल बिठाने को भी कहा ताकि मोदी सरकार को मात देना संभव हो सके।
नई दिल्ली। शुक्रवार को लोकसभा में पीएम मोदी की अग्निपरीक्षा है। हालांकि इस परीक्षा में उनका पास होना लगभग तय है लेकिन विरोधी दल मोदी सरकार को मात देने की रणनीति बनाने में जुटे है। गुरुवार की सुबह यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आवास पर कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने पार्टी के सभी सांसदों को अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने को कहा। साथ ही उन्होंने विपक्षी एकता पर बल देते हुए पार्टी के सांसदों से विपक्ष के सांसदों से तालमेल बिठाने को भी कहा है। ताकि मोदी सरकार को मात देना संभव हो सके।
सांसदों को एकजुट रहने का दिया आदेश
इससे पहले बुधवार को यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी के पूरे संकेत दे दिए थे। सोनिया गांधी ने अपने बयान से संख्याबल पर आश्वस्त दिख रही सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा था कि कौन कहता है कि यूपीए के पास नंबर नहीं है? इसी रणनीति को और धार देने के लिए उन्होंने आज कांग्रेस संसदीय दल की बैठक बुलाई और सभी से मंत्रणा की। सोनिया गांधी ने कल कहा था कि मोदी सरकार इस भ्रम में न रहे कि विपक्ष के पास मैजिक नंबर नहीं है।
विपक्षी एकता को शिवसेना का झटका
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेता इस बार उम्मीद लगाए बैठे थे कि लंबे अरसे से पीएम मोदी सरकार की नीतियों से नाराज शिवसेना अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करेगी। लेकिन शिवसेना ने विपक्षी एकता को झटका देते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि लोकतंत्र में सभी की आवाज सुनी जानी चाहिए, पर सच का साथ भी नहीं छोड़ना चाहिए। इस बीच केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने सोनिया गांधी पर हमला करते हुए कहा कि सोनिया जी की गणित कमजोर है। उन्होंने 1996 में भी ऐसा ही कैलकुलेशन किया था। हम जानते हैं कि तब क्या हुआ था। उनकी गणित इस बार भी गलत साबित होगी।