राजनीति

NCP में छिड़ी अंदरूनी जंग: सुनेत्रा पवार के अध्यक्ष पद को चुनौती, प्रफुल्ल पटेल ने झाड़ा पल्ला, बोले- पार्टी में सुधार की जरूरत

Sunetra Pawar NCP President Dispute: एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार की नियुक्ति को पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने कानूनी नोटिस भेजकर चुनौती दी है। वहीं, प्रफुल पटेल ने कहा कि सुनेत्रा पवार का चयन पार्टी संविधान के अनुसार हुआ है और नोटिस से उनका लेना-देना नहीं है।
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Updated: 14 Jul 2026, 11:51 AM IST
Praful Patel on Sunetra Pawar NCP President Dispute
सुनेत्रा पवार के अध्यक्ष पद को चुनौती, प्रफुल्ल पटेल ने क्या कहा? (Photo: IANS)

NCP Internal Conflict: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार की नियुक्ति को खुद पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता ने कानूनी तौर पर चुनौती दे दी है। एनसीपी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने नोटिस भेजकर सुनेत्रा पवार की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, 9 जुलाई को भेजी गई कानूनी नोटिस में सच्चिदानंद सिंह ने दावा किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए और नए सिरे से चुनाव कराया जाए। अजित दादा के पद पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार की नियुक्ति अवैध है। अब इस नोटिस पर एनसीपी नेतृत्व क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार बनी थीं राष्ट्रीय अध्यक्ष

इसी साल 28 जनवरी को बारामती में छोटा विमान क्रैश होने से अजित पवार का निधन हो गया, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी गई थी। 26 फरवरी को आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की आमसभा में वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल ने उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की आधिकारिक घोषणा की थी। इसके बाद से सुनेत्रा पवार पार्टी की कमान संभाल रही हैं।

प्रफुल पटेल बोले- नोटिस का मुझसे कोई संबंध नहीं

इस पूरे विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रफुल पटेल ने कहा कि सुनेत्रा पवार को भेजी गई नोटिस से उनका कोई संबंध नहीं है और इसे अधिक महत्व देने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार का चयन पार्टी के संविधान के अनुसार हुआ है। प्रफुल पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले अनौपचारिक बातचीत में केवल इतना कहा था कि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी में एक बड़ी रिक्तता पैदा हुई है और उसे भरने के लिए संगठनात्मक सुधारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके इस निजी विचार का कानूनी नोटिस से कोई संबंध नहीं है।

कौन हैं सच्चिदानंद सिंह?

सच्चिदानंद सिंह झारखंड में एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और पिछले करीब 15 वर्षों से पार्टी से जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2023 में जब अजित पवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब कर्जत में आयोजित बैठक में उन्हें राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया था। हालांकि, 26 फरवरी 2026 को घोषित नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उन्हें शामिल नहीं किया गया।

इस बीच, सच्चिदानंद सिंह की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस ने एनसीपी के भीतर एक नई दरार को उजागर कर दिया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया एनसीपी के संविधान में निर्धारित अनिवार्य नियमों का पालन किए बिना पूरी की गई। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पहले पार्टी के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को नियमानुसार सूचना भी नहीं दी गई।

Updated on:
14 Jul 2026, 11:51 AM IST
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