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एक विमान, एक ही कार्यक्रम, फिर भी सुनेत्रा पवार ने प्रफुल्ल पटेल को नहीं लगने दी भनक, उतरते ही मिला खलबली मचाने वाला व्हाट्सएप मैसेज

Sunetra Pawar NCP Rift: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने पिछले मंगलवार एनसीपी शरदचंद्र पवार गुट के प्रमुख शरद पवार से उनके निवास पर जाकर मुलाकात की। एनसीपी में टूट के बाद पहली बार करीब तीन साल बाद वह पवार के निवास ‘सिल्वर ओक’ गए थे।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 17, 2026

Sunetra pawar Praful Patel Sunil Tatkare

प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार (Photo: IANS)

महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा चुनाव आयोग को भेजी गई नई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची ने पार्टी के भीतर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस सूची में पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे दिग्गजों को राष्ट्रीय पदाधिकारियों में जगह नहीं मिलने से एनसीपी में अंदरूनी संघर्ष तेज होने की खबर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले सोमवार को प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गुवाहाटी पहुंचे थे। उसी दौरान उन्हें मोबाइल पर सुनेत्रा पवार द्वारा चुनाव आयोग को भेजी गई चिट्ठी की तस्वीर मिली। इस पत्र में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची थी, जिसमें दोनों नेताओं का नाम नहीं था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुनेत्रा पवार खुद भी उसी फ्लाइट में उनके साथ गुवाहाटी गई थीं, लेकिन उन्होंने इस कदम की भनक तक किसी को नहीं लगने दी।

अजित पवार के बेटों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

12 सदस्यीय राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में सुनेत्रा पवार के दोनों बेटों को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और जय पवार को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। वहीं, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे का नाम केवल 22 सदस्यीय वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया, लेकिन वहां भी उनके पद स्पष्ट नहीं किए गए।

इतना ही नहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल को भी नई सूची में जगह नहीं मिली।

सोशल मीडिया पर सफाई, लेकिन सवाल बरकरार

विवाद बढ़ने के बाद सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सफाई देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को भेजी गई सूची में कुछ गलतियां हैं और जल्द सुधार किया जाएगा। हालांकि, पार्टी के भीतर इसे केवल औपचारिक सफाई माना जा रहा है।

एनसीपी के कई नेताओं का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि अजित पवार के निधन के बाद भी पार्टी पर पवार परिवार का ही नियंत्रण रहेगा और किसी भी नेता की स्वतंत्र भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी।

अजित पवार की मौत के बाद बढ़ा तनाव

दरअसल, जनवरी में बारामती में विमान दुर्घटना में अजित पवार की अचानक मौत के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। उसी दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक हुई थी, जिसे सुनेत्रा समर्थकों ने पार्टी हथियाने की कोशिश के रूप में देखा।

इसके बाद फरवरी में प्रफुल्ल पटेल और तटकरे गुट ने कथित तौर पर चुनाव आयोग को संशोधित पार्टी संविधान भेजा, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष को समान अधिकार देने की बात कही गई थी।

इस कदम के जवाब में सुनेत्रा पवार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर 28 जनवरी से 26 फरवरी के बीच भेजे गए किसी भी पत्राचार को मान्यता न देने की मांग की थी। इसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद और गहरे हो गए।

पार्थ पवार बन रहे नए शक्ति केंद्र

एनसीपी के अंदर अब अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को संगठन में सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि संगठनात्मक फैसलों में अंतिम निर्णय अब लगभग वही लेते हैं। उन्होंने युवा नेताओं, प्रोफेशनल्स और वकीलों की अलग टीम तैयार की है।

हाल ही में विधान परिषद चुनाव (MLC) के लिए बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाने के फैसले को भी पार्थ पवार की ताकत के रूप में देखा गया।

वहीं, जय पवार भी बारामती में हर गुरुवार जनता दरबार लगा रहे हैं, जिसे 2029 विधानसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है।

पार्टी में बढ़ रहा भ्रम!

एनसीपी के भीतर जारी खींचतान का असर अब पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों पर भी दिखने लगा है। कई अहम पद अभी खाली हैं, जिनमें मुंबई इकाई प्रमुख, युवा विंग और महिला विंग के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हैं।

इसी बीच, एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना जॉइन कर ली, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ने के साफ संकेत मिल रहे हैं।

भाजपा में जाने की अटकलें भी तेज

एनसीपी में कथित असंतोष के बीच शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने हाल ही में बड़ा दावा किया। कर्जत से एनसीपी (शरद गुट) विधायक पवार ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे 22 विधायकों के साथ भाजपा में जा सकते हैं। हालांकि, तटकरे और भाजपा दोनों ने इन दावों को खारिज कर दिया है।

पिछले हफ्ते सुनील तटकरे ने एनसीपी शरदचंद्र पवार गुट के प्रमुख शरद पवार से उनके ‘सिल्वर ओक’ निवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कई तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गईं, हालांकि तटकरे ने साफ कहा कि वह केवल शरद पवार की तबीयत पूछने गए थे और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

बता दें कि राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और सुनील तटकरे महाराष्ट्र एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। फिलहाल एनसीपी के भीतर चल रही यह अंदरूनी लड़ाई महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा असर डालती दिखाई दे रही है।