तमिलनाडु सरकार ने दावा किया है कि पूर्व सीएम जयललिता अपने जीवनकाल में कभी गर्भवती नहीं रहीं थी।
नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार ने दावा किया है कि पूर्व सीएम जयललिता अपने जीवनकाल में कभी गर्भवती नहीं रहीं थी। सरकार ने 24 जुलाई को मद्रास हाईकोर्ट को यह सूचना दी। यही नहीं अपने दावे की पुष्टि करने के लिए तमिल सरकार ने 80 के दशक का एक वीडियो पर कोर्ट के समक्ष पेश किया है। दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट जयललिता के बेटी होने का दावा करने के वाली याचिका पर सुनवाई कर रही रही है। वहीं राज्य सरकार का दावा है कि जयललिता को कोई बेटी नहीं थी।
5 दिसंबर 2016 को जयललिता का निधन
आपको बता दें कि चेन्नई स्थित अपोलो हॉस्पिटल में 5 दिसंबर 2016 को जयललिता का निधन हो गया था। तब एक अमृता नाम की युवती ने याचिका दायर कर जयललिता का अंतिम संस्कार ब्रह्माण रीति-रिवाजों के अनुसार करने की मांग की थी। यही नही अमृता ने अपना डीएनए टेस्ट करवाने की भी मांग कोर्ट से की थी। दरअसल, अमृता ने 2017 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उसको नामंजूर करते हुए उसको पहले मद्रास हाईकोर्ट में जाने का कहा था।
80 के दशक का वीडियो पेश किया
राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल विजय नारायण कोर्ट में 80 के दशक का वीडियो पेश किया है। यह वीडियो एक कार्यक्रम का है। नारायण ने दावा किया है कि यह वीडियो अमृता के जन्म से केवल एक माह पहले का है। नारायण ने दावा किया है कि इस वीडियो में जयललिता कहीं से भी गर्भवती नजर नहीं आ रही हैं। इसके साथ ही नारायण ने कोर्ट को सुझाव दिया है कि जरूरत पड़पे अमृता का डीएनए टेस्ट कराया जाए। वहीं, अमृता का दावा है कि जयललिता ने उसे गोद लिया था।