राजनीति

अविश्वास प्रस्ताव: इन तीन पार्टियों ने बिगाड़ा बहुमत का गणित

तीन ऐसे दल थे जो सरकार के खिलाफ थे और जिन्होंने बहुमत का आंकड़ा भी बदल दिया।
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Jul 21, 2018
modi
अविश्वास प्रस्ताव: इन तीन पार्टियों ने बिगाड़ा बहुमत का गणित

नई दिल्ली। शुक्रवार को पूरे दिन लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच बहस देर रात तक चली। दिनभर का बयान बाजी के बाद रात को प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। वोटिंग में सत्ताधारी मोदी सरकार ने भारी मतों से जीत हासिल की और विपक्ष को हार का मुंह देखना पड़ा। हालांकि मोदी सरकार अपनी जीत को लेकर पहले से ही आश्वस्त थी, क्योंकि पार्टी को पास बहुमत का आंकड़ा था। लेकिन इस बीच कुछ दलों के विरोध के चलते कहीं ना कहीं एक डर भी था।

बता दें कि संसदीय इतिहास में दो बार अविश्वास प्रस्ताव के कारण सरकार गिरी थी। इसलिए कई पार्टियों को विरोध करना डर का एक हिस्सा था। मुख्य रूप से तीन ऐसे दल थे जो सरकार के खिलाफ थे और जिन्होंने बहुमत का आंकड़ा भी बदल दिया।

बीजू जनता दल (बीजेडी)

आपको बता दें कि सदन में प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही बीजू जनता दल (बीजेडी) के सांसदों ने वाकआउट करके अपना विरोध जताया।

शिवसेना रही वोटिंग से दूर

दूसरी तरफ सरकार की मुश्किलें तब और बढ़ गई जब शिवसेना ने सदन में आने से इंकार कर दिया साथ ही वोटिंग से भी दूरी बनाने की बात कही। आंकड़ों की मानें तो बीजेडी के 19 और शिवसेना के 18 सांसदों ने दूरी बना ली थी, जो वाकई में परेशान करने वाली बात थी।

दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति यानी टीआरएस ने भी वोटिंग से दूर रहने का फैसला लिया। बता दें कि टीडीपी काफी समय से आंन्ध्र के लिए विशेष राज्य की मांग कर रही है। लेकिन

टीआरएस किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने की व्यवस्था का विरोध कर रही है। इसके बावजूद भी टीआरएस ने वोट नहीं किया।

Published on:
21 Jul 2018 11:48 am