राजनीति

टीएमसी नेता चंदन मित्रा का बड़ा बयान, गठबंधन के जीतने पर क्षेत्रीय पार्टी का नेता बने देश का पीएम

2014 में कांग्रेस का हारना तो तय था लेकिन कांग्रेस इतनी बुरी तरह हारेगी इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था।
2 min read
chandan mitra
टीएमसी नेता चंदन मित्रा का बड़ा बयान, गठबंधन के जीतने पर क्षेत्रीय पार्टी का नेता बने देश का पीएम

नई दिल्‍ली। भाजपा के पूर्व सांसद और टीएमसी नेता चंदन मित्रा ने महागठबंधन को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्‍होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में पीएम पद के उम्मीदवार पर कहा कि यदि 2019 में विपक्षी गठबंधन जीतता है तो पीएम किसी क्षेत्रीय पार्टी के नेता को बनाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद से इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि उनका इशारा किसकी तरफ है। ये बात उन्‍होंने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की किताब ‘शेड्स ऑफ ट्रुथ’ के विमोचन के मौके पर कही। इस मौके पर कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम ने साल 2014 में हुई कांग्रेस की हार पर अपने-अपने तर्क दिए।

गिनाए हार के कारण
इस अववसर पर तभी लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के प्रमुख शरद यादव ने साल 2014 में हार के कारणों को गिनाने का काम किया। उनके इस रुख से कार्यक्रम में उपस्थित नेता हैरान रह गए। शरद यादव ने इस मुद्दे पर ऐसा तीखी बात कही कि कांग्रेस नेताओं के चेहरे देखने लायक थे। लोजद प्रमुख ने कहा कि 2014 में कांग्रेस का हारना तो तय था लेकिन कांग्रेस इतनी बुरी तरह कांग्रेस हारेगी इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था। ऐसा कर उन्‍होंने कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रखने का काम किया।

मोदी ने गंवाए जीडीपी का 1.5 फीसदी हिस्‍सा
कपिल सिब्बल ने इस मौके पर पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि कि अगर पीएम मोदी दूसरे देश में पीएम होते तो उन्‍हें इस्‍तीफा देने को बाध्‍य होना पड़ता। उन्‍होंने नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्‍होंने हमें नोटबंदी दी, जिससे हमने जीडीपी का 1.5 फीसदी हिस्सा गंवा दिया। अगर वह किसी दूसरे देश में होते जो उनको इस्तीफा देना पड़ता। इसी तरह उन्‍होंने जिस तरह से जीएसटी को लागू किया गया, उससे देश का बहुत बड़ा नुकसान हुआ। उन्‍होंने मोदी सरकार पर नीतिगत पंगुता का आरोप भी लगाया।

किसान और नौजवान परेशान
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी नरेंद्र मोदी सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया। मनमोहन ने कहा कि अब देश में वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है। सिंह ने कहा कि इस सरकार में किसान और नौजवान परेशान हैं तो दलितों एवं अल्पसंख्यको में असुरक्षा का माहौल है। उन्‍होंने सिब्‍बल की पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक बहुत अच्छी तरह शोध करने के बाद लिखी गई है। यह पुस्तक मोदी सरकार का समग्र विश्लेषण है। यह सरकार की नाकामियां बताती है। यह बताती है कि इस सरकार ने जनता से जो वादे किए, पूरे नहीं किए।

Published on:
09 Sept 2018 10:20 am