अप्रैल में मुख्यमंत्री के रूप में अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिपल्व देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नए सीएम के लिए बीजेपी के विधायकों की बैठक चल रही है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिपल्व देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब यहां भारतीय जतना पार्टी किसी नए चेहरे को मौका देगी। बिपल्व के इस्तीफे के बाद अब नए नेता के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की बैठक चल रही है। जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। बताते चले कि बिपल्व देव के कामकाज से भाजपा आलाकमान और पार्टी के राज्यस्तर के नेता खुश नहीं थे।
राज्य में विधानसभा का चुनाव भी फरवरी 2023 में होना है। इससे पहले भाजपा अपनी तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार पार्टी आलाकमान की ओर से ही बिपल्व देव से इस्तीफा मांगा गया था। उल्लेखनीय हो कि बिपल्व देव अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर खबरों में बने रहते हैं। अप्रैल में ही उनके नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल का चार साल पूरा किया था। शुक्रवार को बिपल्व देव दिल्ली आए थे। आज अगरतल्ला पहुंचने के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया।
राज्य में नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए भाजपा आलाकमान ने दिल्ली से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को त्रिपुरा भेजा है। ये लोग विधायकों के साथ बैठक कर नए नेता के नाम की घोषणा करेंगे। बताते चले कि त्रिपुरा में चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार जनसंपर्क कर रही है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी खुद राज्य की सियासत पर नजर रख रहे हैं। दूसरी ओर लेफ्ट की चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है।
बताते चले कि फरवरी 2023 में राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे। जिसकी तैयारी में जुटे तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी अगले साल मेघालय और त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव जीतेगी और 2024 के चुनाव में असम में 10 लोकसभा सीटों का लक्ष्य रखेगी। बनर्जी ने विश्वास व्यक्त किया कि टीएमसी त्रिपुरा और मेघालय में अगली सरकार बनाएगी।