
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर हो मराठी में अनाउंसमेंट, मनसे का अल्टीमेटम (Photo: x/IANS)
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) से उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस में कथित तौर पर मराठी भाषा में अनाउंसमेंट नहीं होने पर आक्रामक रुख अपनाया है। राज ठाकरे की पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर विमानन कंपनी ने 24 घंटे में मराठी में अनाउंसमेंट शुरू नहीं किया तो उन्हें मनसे कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
ठाणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनसे की नवी मुंबई इकाई के अध्यक्ष गजानन काले ने कहा कि इंडिगो की ओर से विमान के अंदर हिंदी और अंग्रेजी में अनाउंसमेंट हो रहा है, लेकिन मराठी भाषा को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने इसे मराठी भाषियों का अपमान बताते हुए एयरलाइंस कंपनी को सीधी चेतावनी दी।
गजानन काले ने कहा कि महाराष्ट्र की आधिकारिक भाषा मराठी है, ऐसे में इंडिगो एयरलाइंस की ओर से केवल हिंदी और अंग्रेजी में अनाउंसमेंट किया जाना समझ से परे है। उन्होंने मांग की कि तुरंत मराठी भाषा में भी अनाउंसमेंट शुरू किया जाए। मनसे नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इंडिगो को मनसे कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। इसे हमारी अंतिम चेतावनी या सीधी धमकी समझी जाए।
वहीं, NMIA प्रबंधन की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि एयरपोर्ट पर अंग्रेजी, हिंदी और मराठी तीनों भाषाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहुभाषीय अनाउंसमेंट की व्यवस्था लागू है।
इससे पहले मनसे नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दे चुकी है। पिछले साल मनसे ने आरोप लगाया था कि एयरपोर्ट परियोजना में स्थानीय मराठी युवाओं की अनदेखी की जा रही है। पार्टी का दावा था कि एयरपोर्ट के चार टर्मिनलों से करीब एक लाख नौकरियां पैदा होंगी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में भूमिपुत्रों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही।
मनसे प्रवक्ता गजानन काले ने उस समय आरटीआई के जरिए मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा था कि सिडको और एयरपोर्ट प्रशासन की 80 प्रतिशत नौकरियां मराठी भाषी उम्मीदवारों को देने का प्रावधान था, लेकिन अब इस नीति को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार स्थानीय युवाओं की जगह बाहरी लोगों को नौकरी देने की तैयारी कर रही है। मनसे नेता ने दावा किया था कि सिडको ने जानबूझकर स्थानीय मराठियों के लिए रोजगार आरक्षण सुनिश्चित करने की नीति नहीं बनाई।
मनसे की ओर से साफ कहा गया था कि अगर एयरपोर्ट परियोजना में मराठी युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
गजानन काले ने चेतावनी देते हुए कहा था, राज ठाकरे के आदेश के बाद एयरपोर्ट से किसी भी विमान को उड़ान नहीं भरने दिया जाएगा। मनसे कार्यकर्ताओं के लिए एयरपोर्ट के रनवे को तोड़ना कोई मुश्किल काम नहीं है।
ऐसे में अब मराठी अनाउंसमेंट को लेकर दिए गए 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइंस कंपनियां क्या रुख अपनाती हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
Updated on:
20 May 2026 02:16 pm
Published on:
20 May 2026 10:55 am
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