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‘अंतिम चेतावनी दें रहें’, नवी मुंबई एयरपोर्ट पर 24 घंटे में शुरू करें मराठी अनाउंसमेंट, मनसे का अल्टीमेटम

MNS Navi Mumbai Airport Marathi: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने एक बार फिर भाषा के मुद्दे पर अपना आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने विमानन कंपनियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 20, 2026

mns navi mumbai airport ultimatum

नवी मुंबई एयरपोर्ट पर हो मराठी में अनाउंसमेंट, मनसे का अल्टीमेटम (Photo: x/IANS)

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर मराठी भाषा को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। राज ठाकरे की पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली विमानन कंपनियों ने 24 घंटे के भीतर विमान और टर्मिनल पर मराठी में अनाउंसमेंट शुरू नहीं किए, तो उन्हें मनसे कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।

ठाणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनसे की नवी मुंबई इकाई के अध्यक्ष गजानन काले ने कहा कि एयरपोर्ट पर फिलहाल हिंदी और अंग्रेजी में अनाउंसमेंट की जा रही हैं, लेकिन मराठी भाषा को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने इसे मराठी भाषियों का अपमान बताते हुए एयरलाइंस कंपनियों को सीधी चेतावनी दी।

गजानन काले ने कहा, “मराठी में भी तुरंत अनाउंसमेंट शुरू होनी चाहिए, वरना विमानन कंपनियों को हमारे कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना होगा। इसे हमारी अंतिम चेतावनी या सीधे तौर पर धमकी मानें।”

पहले भी NMIA को लेकर आक्रामक रही है मनसे

यह पहला मौका नहीं है जब मनसे ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर आक्रामक रुख अपनाया हो। इससे पहले भी पार्टी एयरपोर्ट से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दे चुकी है।

पिछले साल मनसे ने आरोप लगाया था कि एयरपोर्ट परियोजना में स्थानीय मराठी युवाओं की अनदेखी की जा रही है। पार्टी का दावा था कि एयरपोर्ट के चार टर्मिनलों से करीब एक लाख नौकरियां पैदा होंगी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में भूमिपुत्रों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही।

80% नौकरियां मराठी युवाओं को देने की मांग

मनसे प्रवक्ता गजानन काले ने उस समय आरटीआई के जरिए मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा था कि सिडको और एयरपोर्ट प्रशासन की 80 प्रतिशत नौकरियां मराठी भाषी उम्मीदवारों को देने का प्रावधान था, लेकिन अब इस नीति को नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार स्थानीय युवाओं की जगह बाहरी लोगों को नौकरी देने की तैयारी कर रही है। मनसे नेता ने दावा किया था कि सिडको ने जानबूझकर स्थानीय मराठियों के लिए रोजगार आरक्षण सुनिश्चित करने की नीति नहीं बनाई।

रनवे तोड़ने तक की दी धमकी

मनसे की ओर से साफ कहा गया था कि अगर एयरपोर्ट परियोजना में मराठी युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

गजानन काले ने चेतावनी देते हुए कहा था, राज ठाकरे के आदेश के बाद एयरपोर्ट से किसी भी विमान को उड़ान नहीं भरने दिया जाएगा। मनसे कार्यकर्ताओं के लिए एयरपोर्ट के रनवे को तोड़ना कोई मुश्किल काम नहीं है।

ऐसे में अब मराठी अनाउंसमेंट को लेकर दिए गए 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइंस कंपनियां क्या रुख अपनाती हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।