- संसद की स्टेंडिंग कमेटी: -कमेटी ने मार्च में संसद में पेश की रिपोर्ट में डीजीसीए के 53 फीसदी पद, बीसीएएस 35 फïीसदी और एएआई के 17 फीसदी पदों को रिक्त होने को सुरक्षा के लिए माना था गंभीर -2022 में भी इसी कमेटी ने विमान के इंजनों की उड़ान योग्यता के नियमों का उल्लंघन करने वाले एयरलाइन ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाने की सिफïरिश की थी
शादाब अहमद
नई दिल्ली। अहमदाबाद में एयर इंडिया के प्लेन क्रैश होने से करीब 250 लोगों के मौत के मुंह में समा जाने की जांच चल रही है। हादसे के कारणों की तलाश की जा रही है। वहीं अब कुछ तथ्य ऐसे सामने आ रहे हैं, जिनसे उड्डयन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवहन, पर्यटन और संस्कृति की संसदीय स्टेंडिंग कमेटी ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को राज्यसभा में एक रिपोर्ट के माध्यम से 25 मार्च को टेबल किया था।
जेडी(यू) सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में विमानन सुरक्षा मानकों का प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमताओं के बारे में बुनियादी चिंता जताई थी। कमेटी का मानना है कि देश में हवाई सेवा का विस्तार जारी है। ऐसे में कर्मचारियों की लगातार कमी के चलते सुरक्षा, संरक्षा और सेवा वितरण मानकों को कमजोर कर सकती है।
1. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए):
जिम्मेदारी: विमानन सुरक्षा और निरीक्षण की जिम्मेदारी
हालात: कमेटी के अनुसार अधिकारियों व कर्मचारियों के 1633 पद स्वीकृत है। इसमें से सिर्फ 754 पद भरे हैं। जबकि 879 यानी करीब 53 फीसदी पद खाली है।
रिक्तियां होने का असर: विमानन सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करना मुश्किल भरा
2. नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस):
जिम्मेदारी: विमानन सुरक्षा को बनाए रखने की
हालात: कमेटी के अनुसार इसमें स्वीकृत 598 पदों में से 390 भरे हुए हैं। जबकि 208 यानी करीब 35 फीसदी पद खालीे है।
रिक्तियां होने का असर: हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था पर खतरा बना हुआ है।
3. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई)
जिम्मेदारी: हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे और हवाई यातायात सेवाओं का प्रबंधन
हालात: कमेटी के मुताबिक 19269 पदों में से 16004 पद भरे हुए हैं। जबकि 3265 यानी 17 फीसदी पद खाली है।
रिक्तियां होने का असर: परिचालन दक्षता और हवाई अड्डों के विस्तार प्रभावित
देश में बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए नियामक निगरानी, सुरक्षा प्रवर्तन और हवाई अड्डों का संचालन से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। इसके लिए डीजीसीए, बीसीएएस और एएआई को कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी चाहिए।
इसी कमेटी ने 31 मार्च, 2022 को भी संसद में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा से संबंधित मुद्दों' पर रिपोर्ट पेश की थी। तब एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (एटीसीओ) के खाली पदों का मुद्दा उठाया गया था। इसके साथ ही सबसे अहम विमान के इंजनों की उड़ान योग्यता को लेकर कमेटी ने टिप्पणी की थी। कमेटी ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से विमान के इंजनों के लिए सभी सुरक्षा और रखरखाव विनियमों का अनुपालन महत्वपूर्ण बताया। विमान के इंजनों की उड़ान योग्यता सुनिश्चित करने के लिए उन एयरलाइन ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान करने का सुझाव दिया जो इस संबंध में नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं।
इस कमेटी ने मंत्रालय को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के इस्तेमाल की जाने वाली जांच पद्धति और तकनीक वैश्विक मानकों के अनुरूप करने का सुझाव दिया था। इससे दुर्घटना के कारणों की सही पहचान करने में मदद मिल सकती है। समिति ने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सख्त समयसीमा निर्धारित करने की सिफारिश की, क्योंकि इसमें देरी से समान कारणों से टाले जा सकने वाले हादसे हो सकते हैं।
कमेटी ने तीन साल पहले भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के कारण कई मौतों पर चिंता जताई थी। सुरक्षित हेलीकॉप्टर संचालन सुनिश्चित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को प्रतिकूल मौसम में सुरक्षित हेलीकॉप्टर संचालन के दिशानिर्देश बनाने के लिए कहा था।