
नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नए अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शनिवार को गुरुग्राम में 52 साल बाद पहली बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। बता दें प्रवीण तोगड़िया और बीजेपी के बीच आई खटास के बाद आज सबकी निगाहें चुनाव पर हैं, क्योंकि आज संगठन में उनके भविष्य पर फैसला होगा। लेकिन चुनाव से पहले ही उनके समर्थकों और विरोधियों में झड़प की खबरें आ रही हैं।
झड़प का वीडियो बनाने लगे तोगड़िया
यही नहीं तोगड़िया भी अपने समर्थकों के साथ हो रहे लड़ाई-झगड़े को साबित करने के लिए इस घटना का वीडियो बनाने लगे। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी यही किया। लेकिन बाद में जब मामला विहिप महामंत्री चंपत राय के पास पहुंचा तो उन्होंने इस पूरी घटना को चुनाव आगे बढ़ाने की साजिश करार दिया। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि इस चुनाव में कुल 273 लोगों को मतदान करना हैं, लेकिन इसके अधिकारी सिर्फ वही माने जाएंगे जो गुरग्राम मतदान स्थल तक पहुंचेंगे।
इसके चलते घटा था तोगड़िया का पद
विश्व हिंदू परिषद में लगातार अपने घटते कद की वजह से सुर्खियों में रहने वाले प्रवीण तोगड़िया को जल्द ही संगठन में उनके पद से हटाया जा सकता है। आपको बता दें कि पिछले काफी समय से प्रवीण तोगड़िया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच विवाद की खबरें आती रही हैं। पीएम मोदी से विवाद की खबरों को लेकर प्रवीण तोगड़िया कई बार मीडिया के सामने आकर सुर्खियों में रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि जल्द ही वीएचपी ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष के पद से हटाया जा सकता है।
वीएचपी के कार्यकारी पद से हटेंगे प्रवीण तोगड़िया
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, आज विश्व हिंदू परिषद की कार्यकारी मीटिंग में प्रवीण तोगड़िया और विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष राघव रेड्डी को उनके पदों से हटाया जा सकता है।
कहा यही जा रहा है कि इस समय आरएसएस नहीं चाहता है कि प्रवीण तोगड़िया वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष और राघव रेड्डी वीएचपी के अध्यक्ष बने रहे। इसीलिए शनिवार को
गुरुग्राम में होने वाली कार्यकारी बोर्ड की मीटिंग में दोनों को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। वहीं कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि राघव रेड्डी की जगह वी. कोकजे को वीएचपी का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है। शनिवार को हो रहे चुनाव में इस पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में हैं और परिषद के सदस्यों में किसी एक के नाम पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद चुनाव कराने का फैसला किया गया है।
दिसंबर 2017 में ही हो गया था कार्यकाल खत्म
गौरतालब है कि वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया और वीएचपी के अध्यक्ष राघव रेड्डी का कार्यकाल पिछले साल दिसम्बर में ही खत्म हो गया था। वीएचपी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए बीते 29 दिसंबर को भुवनेश्वर संगठन के कार्यकारी बोर्ड की बैठक हुई थी। संघ के सूत्रों के अनुसार संघ के बड़े अधिकारियों के पास ये जानकारी है कि प्रवीण तोगड़िया ने गुजरात में बीजेपी के खिलाफ कई काम किए थे, इसलिए बीजेपी हाईकमान प्रवीण तोगड़िया से काफी नाराज है।
तोगड़िया और मोदी सरकार के बीच रहे हैं मतभेद
संघ का तोगड़िया को हटाने के पीछे एक कारण ये भी है कि मोदी सरकार बनने के बाद से जिस तरह से प्रवीण तोगड़िया मोदी और बीजेपी के खिलाफ खुल कर हमले करते हैं, इससे सरकार और बीजेपी दोनों पर विपक्ष को भी हमला करने का मौका मिल जाता है।प्रवीण तोगड़िया ने पिछले दिनों अपने एनकाउंटर का आरोप इशारों-इशारों में पीएम मोदी और उनकी सरकार पर बड़े आरोप लगाए थे। संघ नहीं चाहता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सरकार और बीजेपी के साथ उनके अन्य संगठनों के बीच में किसी भी तरह मतभेद आम जनता के सामने आए।