कश्मीर समस्या पर बोले पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह 2012 के बाद राज्य में तेजी से बढ़ी घटनाएं पूर्व की गठबंधन सरकार को ठहराया जिम्मेदार
नई दिल्ली। विदेश राज्य मंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया है। वीके सिंह ने कहा कि कश्मीर एक उलझा हुआ मुद्दा है। वीके सिंह ने इसे छद्म युद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसके लिए पहले से ही कदम उठाए जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि किसी एक घटना के आधार पर किसी पॉलिसी की कामयाबी और नाकामयाबी का आकलन नहीं किया जा सकता। यह बस एक मुठभेड़ थी, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वहां हालात खराब हैं।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि 2005 से 2012 के बीच दक्षिण कश्मीर बेहद शांतिपूर्ण था। लेकिन 2012 के आज एक बदलाव दिखाई दिया। इसके बाद घटनाओं में इजाफा देखने को मिला, इसकी वजह क्या है। इस बात का विश्लेषण किए जाने की जरूरत है आखिर ऐसा क्यों हुआ? उन्होंने कहा कि 2012 के बाद जम्मू-कश्मीर में एक ऐसी गठबंधन वाली सरकार बनी, जिनमें से घाटी तो एक जम्मू में समर्थन प्राप्त् करती रही। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि अब देखने की जरूरत यह है कि क्या उस गठबंधन वाली सरकार की नीतियों की समग्र विफलता या फिर कुछ गलतियों के कारण आतंकवाद को बढ़ावा मिला?
आपको बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों और भारतीय जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में इंडियन आर्मी के मेजर सहित 4 जवान शहीद हो गए। इस दौरान आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के 2 आतंकवादी भी मारे गए थे। मुठभेड़ में मारे गए इन आतंकियों में से एक ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमले की साजिश रची थी।