अगर सबकुछ सही रहा तो देश के एक बड़े राज्य का नाम बदलने जा रहा है। यही नहीं इसके लिए राज्य सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पास करा लिया है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जहां से मंजूरी मिलने के बाद राज्य दूसरे नाम से पुकारा जाएगा। यहां हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल की।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य के नाम को पश्चिम बंगाल से 'बांग्ला' में बदलने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में पारित यह प्रस्ताव अब गृह मंत्रालय में जाएगा। गृह मंत्रालय से अगर ग्रीन सिग्नल मिल जाता है तो राज्य का नाम बदलकर नया नाग बांग्ला हो जाएगा। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर सभी भाषाओं में बांग्ला रखे जाने का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया गया, जिसे विधानसभा ने पास कर दिया है।
विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित
दरअसल, इससे पहले 29 अगस्त, 2016 को राज्य सरकार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर अंग्रेजी में बंगाल व बंगाली में बांग्ला और हिंदी में बंगाल करने का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए इसे वापस राज्य सरकार लौटा दिया था। अब एकबार फिर पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव पास किया गया है।
कांग्रेस और लेफ्ट ने किया प्रस्ताव का समर्थन
जानकारी के अनुसार यह प्रस्ताव राज्य सरकार में मंत्री पार्था चटर्जी की ओर से विधानसभा में पेश किया गया। वहीं कांग्रेस और लेफ्ट ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि अभी यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना है। अगर केंद्र सरकार की ओर से प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती तो है तो इसका गैजेट जारी कर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति जता देगी।