
नई दिल्ली। सियासी उठापटक के बीच बी.एस. येदियुरप्पा ने गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, येदियुरप्पा का फ्लोर टेस्ट होना अभी बाकी है। लेकिन, मुख्यमंत्री बनते ही येदियुरप्पा एक्शन में आ गए हैं। येदियुरप्पा ने पहले ही दिन राज्य के चार आईपीएस अधिकारियों के तबादला का ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके अलावा कर्नाटक के खुफिया प्रमुख को भी बदल दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, अमर पांडे नये खुफिया प्रमुख होंगे।
जारी है सियासी घमासान
गौरतलब है कि बी.एस येदियुरप्पा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन, इसपर विवाद लगातार जारी है। कांग्रेस और जेडीएस ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल संविधान की अवहेलना कर रहे हैं। जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने मोदी सरकार विधायकों को अपने पाले में करने के लिए ईडी की मदद से डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। कल कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया था कि भाजपा उनके विधायकों को 100 करोड़ रुपए का ऑफर दे रही है। इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच ट्विटर वॉर हुआ। दोनों ने एक दूसरे पर जमकर निशाना साधा।
देवगौड़ के साथ आए चंद्रबाबू और केसीआर
कर्नाटक इन दिनों सियासी अखाड़ा बन गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव भी इस अखाड़े में कूद गए हैं। दोनों ने जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के सुप्रीमो एच.डी. देवगौड़ा को फोन कर मदद की पेशकश की है। दोनों ने देवगौड़ा से विधायकों को विजयवाड़ा या विशाखापत्तनम में ठहराने की पेशकश की है।
राम जेठमलानी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
इधर, राज्यपाल के द्वारा भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देने के विरोध में सीनियर वकील और भाजपा के पूर्व नेता राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जेठमलानी ने राज्यपाल के फैसले को संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग बताया है।
वहीं, इस बीच यह भी खबर आ रही है कि कांग्रेस के एक और विधायक गायब हो चुके हैं। कांग्रेस और जेडीएस का आरोप है कि भाजपा उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।