प्रतापगढ़

उद्योग धंधे लगे तब आगे बढ़े विकास की गाड़ी

- जन एजेंडा मीटिंग में हुई चर्चा, शहर के विकास में पिछडऩे का झलका दर्द
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उद्योग धंधे लगे तब आगे बढ़े विकास की गाड़ी

प्रतापगढ़. राजस्थान पत्रिका की ओर से विधानसभा चुनाव के दौरान चलाए जा रहे ‘राजस्थान का रण’ अभियान के तहत बुधवार को शहर के बांसवाड़ा रोड स्थित एलबीएस कॉलेज में जन एजेंडा मीटिंग हुई। इसमें प्रतिभागियों का एक ही दर्द उभर कर आया कि अन्य शहरों की तुलना में प्रतापगढ़ विकास में मामले में अभी बहुत पिछड़ा हुआ है। यहां उद्योग धंधे विकसित हो तब ही विकास की गाड़ी आगे बढ़ेगी।
बैठक में शहर के विकास और जन समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। अधिकांश वक्ताओं का कहना था कि बिजली कटौती, पानी की कमी और खराब सडक़ें यहां की स्थायी समस्याएं हैं। इसके अलावा रोजगार के साधनों का अभाव, औद्योगिक इकाइयों की कमी, यातायात के साधनों की कमी, रेल लाइन से लिंक नहीं होना जैसी कई कमियां है। औद्योगिक इकाई जैसा कोई इंजन लगे तब शहर के विकास की गाड़ी आगे बढ़े।
शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों ने बताया कि यहां कृषि उत्पादन अच्छा है। सोयाबीन, लहसुन, अफीम सहित कई अन्य मसाला फसलों का अच्छा उत्पादन होता है। इनसे जुड़े हुए एग्रो प्रोडक्ट के प्लांट यहां लग सकते हैं। इससे किसानों की फसलों का विपणन हो सकेगा और शहर में रोजगार विकसित होगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात के साधनों की कमी की बात सामने आई। प्रतापगढ़ रेल लाइन से नहीं जुड़ सका। इसका दर्द झलका। जन एजेंडा मीटिंग के प्रतिभागियों ने कहा कि रठाजंना रोड पर रोडवेज बसें नहीं चलती। निजी बसें सवारियों को ठंूस-ठूंस कर भरते हैं और भाड़ा भी मनमानी तरीके से वसूलते हैं।
जिले में धार्मिक पर्यटन की बात आने पर सुझाव आया कि गौतमेश्वर महादेव और सीतामाता अभयारण्य जैसे स्थानों पर यदि आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाए और इनका पर्यटन स्थलों के रूप में प्रचार प्रसार किया जाए तो यहां बाहर का सैलानी आ सकता है। इससे पहले बैठक में सोशल मीडिया पर चलने वाली फर्जी खबरों के प्रति जागरूकता के बारे मेे पीपीटी के माध्यम से समझाया गया।
इन्होंने किए विचार व्यक्त
एलबीएस कॉलेज के प्रबंध निदेशक लोकेन्द्र सिंह सिसोदिया, शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त उपनिदेशक चन्द्र शेखर जोशी, सीनियर सिटीजन भानुप्रतापसिंह राठौड़, कॉलेज के प्राचार्य एनएल व्यास, कृष्णपालसिंह, बादल बारोलिया, दिव्या शर्मा, मीना सुमन, स्वाति शर्मा, राजेश्वरी शर्मा, आारती जैन और पम्मी शक्तावत।

सही सदंर्भ ही में कही गई सही बात ही सच्ची सूचना
- फेेक न्यूज से बचने की दी जानकारी
प्रतापगढ़. राजस्थान पत्रिका की ओर से फेसबुक साझा सहयोग से सोशल मीडिया में चलने वाली फेक न्यूज के प्रति जनजागरूकता पर एक कार्यक्रम ‘शुद्ध का युद्ध’ आयोजित किया गया। इसमें पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से फेक न्यूज के बारे में समझाया गया। इसके तहत बताया गया कि सोशल मीडिया में संदर्भ को बदलकर झूठी खबरें गढ़ दी जाती है। इसे पहचानने की जरूरत है। वास्तव में सही बात को यदि सही संदर्भ में कहा जाए तो ही वह सत्य सूचना है। अन्यथा गलत संदर्भ में कही गईसही बात भी अपना अर्थ खो देती है।
इसी प्रकार ये भी बताया गया कि सही और गलत सूचना कैसे पहचानी जाए। पत्रिका के ब्यूरो चीफ राम शर्मा ने बताया कि एक सूचना मं तथ्य, राय और अफवाहों का मिश्रण हो सकता है। हमें सोशल मीडिया पर आने वाली खबरों को विवेकपूर्ण तरीके से देखकर ये पता लगा है कि कौनसी सूचना सही है और कौनसी सूचना गलत। इसी प्रकार सूचना के स्त्रोत और उसकी विश्वसनीयता की भी जनकारी कर लेनी चाहिए।

Published on:
22 Nov 2018 10:44 am