
संचालन में हो रही है परेशानी
प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर संचालित वात्सल्य ( बालिका आश्रय गृह) आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। हालात यह है कि यहां गत 13 माह से सरकारी अनुदान तक नहीं मिला है।जिससे बालिका आश्रय गृह के संचालन में काफी परेशानी हो रही है। बतौर संचालन समिति के यहां जो दानदाता भी दान दे सकते है।जिससे निराश्रित बालिकाओं का पालन-पोषण किया जा सके।
यहां वात्सल्य ( बालिका आश्रय गृह) का संचालन एक जून 2017 से किया गया है।इसका संचालन बहुद्देश्यीय आरोग्य सेवा समिति की ओर से किया जा रहा है। यह अभी मंदसौर रोड पर हनुमान नगर के पीछे एक मकान में संचालित किया जा रहा है।इसमें वर्तमान में 8 वर्षसे 13 वर्षतक की कुल 21 बालिकाएं निवासरत है।ये बालिकाएं सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत है।जो यहां से पैदल ही सरकारी विद्यालय तक पढ़ाई के लिए जाती है।जो करीबन दो किलोमीटर दूरी पर है।
दो माह तक ही मिला अनुदान
बालिका आश्रय गृह के संचालन को अभी 15वीं माह चल रहा है।लेकिन सरकारी उदासीनता के चलते इसे मात्र दो माह का ही अनुदान मिला है।जबकि अभी तक इसे अनुदान नहीं मिला है।ऐसे में आर्थिक तंगी हो रही है।
पढ़ाई के साथ कई गतिविधियां
आश्रय गृह में बालिकाओं को आवास, भोजन, पढ़ाई के साथ कई गतिविधियां से भी जोड़े हुए है।जिसमें कई प्रकार की वस्तुएं बनाना, रुचि के अनुसार खेल आदि सिखाए जाते है।
होता है निरीक्षण
बालिका आश्रय गृह का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है।जिसमें न्यायाधिकारी, बाल कल्याण समिति, प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण करते है।
यहां बालिकाओं को पूरा ध्यान रखा जाता है।पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी संचालित की जाती है। प्रति माह समाज कल्याण विभाग सहायक निदेशक, बाल कल्याण समिति के सदस्य, न्यायाधीश व अन्य अधिकारी निरीक्षण के लिए आते है। सभी बालिकाओं का सरकारी विद्यालय में प्रवेश है।
पुष्पा मिश्रा, प्रभारी, बालिका आश्रय गृह
आर्थिक तंगी है, उच्चाधिकारियों को कराते है अवगत
अभी यहां संस्था को गत 13 माह से अनुदान नहीं मिला है।इससे काफी समस्या हो रही है। हमनें काफी समय से निदेशालय, बाल अधिकारिता विभाग को अवगत कराया हुआ है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
एनएस मोदी, जनरल सेक्रेट्री,