
प्रतापगढ़. ्रजिला मुख्यालय पर नगरपरिषद की ओर से चलाए गए ई-रिक्शा एक बार फिर बंद हो गए हैं। इस बार गत दो माह से ये ई रिक्शा बंद हैं।
शहर में दो रूट पर चार ई-रिक्शा चलाए गए थे। एक रूट गांधी चौराहे से मिनी सचिवालय तक और दूसरा रूट गांधी चौराहे से वुडलैंड पार्क तक था। ये रिक्शे बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग ज्यादा परेशान है। उन्हें कलक्ट्रेट जाने के लिए साधन नहीं मिल पाता। जानकारी के अनुसार ई-रिक्शों में तकनीकी खराबी आने से इन्हें बंद करना पड़ा। लेकिन गत दो माह से इनकी सेवाएं बंद है। चारों ई-रिक्शा को बंद होने के कारण ग्रामीण इलॉकों से आने वाले लोगों को फिर भटकना पड़ रहा है।
यह था समय ई-रिक्शों का: शहर में ई-रिक्शा सुबह 9 से शाम 6 बजे तक शहर की सडक़ों पर दौड़ रह थे।
एक बार में बैठती थी 6 सवारियां:
इसमें एक बार में 6 सवारियों को बिठाया जा रहा था। शहर में दिन भर में एक ई-रिक्शा करीब 30 से 40 राउण्ड कर रहा था। ई-रिक्शा खराब होने के कारण चारों ई-रिक्शों के पहिए थमे हुए हैं।
यहां जाने वाले सबसे ज्यादा परेशान: ई-रिक्शों से वुडलैण्ड पार्क से जिला चिकित्सालय व गांधी चौराहे से मिनी सचिवालय तक जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। यह ई रिक्शा जीरो माईल चौराहा, डिस्कॉम कार्यालय, सूरजपोल चौराहा, नीमच नाका, अम्बेडकर सर्कल, दीनदयाल सर्कल होते हुए मिनी सचिवालय तक चल रहे थे। बंद होने के साथ यहां आने जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
फिर निजी टैम्पों के भरोसे आमजन
नगरपरिषद की ओर से आमजन की सुविधा के लिए चलाए गए ई-रिक्शा बंद होने के कारण फिर से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आमजन को निजी टैम्पों कर 50 से 100 रूपए देकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ रहा है। जबकि ई-रिक्शा का किराया मात्र पांच रूपए ही है।