प्रतापगढ़

कांठल में तैयार होंगे एलोवेरा-आंवला के उत्पाद

वन विभाग की ओर से की जा रही कवायद
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pratapgarh
कांठल में तैयार होंगे एलोवेरा-आंवला के उत्पाद

वन उपज संग्रहण भंडारण एवं बिक्री केन्द्र बनाए
प्रतापगढ़ कांठल वासियों को अब इसी वर्षसे ऐलोवेरा और आंवला का ताजा और शुद्ध जूस मिल सकेगा। इसके लिए वन विभाग की ओर से प्रतापगढ़ समेत जिले में तीन स्थानों पर लघु वन उपज प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना की गई है। इन केन्द्रों पर मशीनें लगाने के बाद इसी वर्ष से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। वन विभाग की ओर से भवन बना दिए गए है।इनमें मशीनें लगाई जानी है।इन भंडारण केन्द्रों में एलोवेरो व आंवला के जूस के साथ अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। वहीं हर्बल गुलाल भी तैयार की जाएगी।

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50 हैक्टेयर में और लगाया एलोवेरा
वन मंडल में आंवला, पलाश के काफी पेड़ है। वहीं ऐलोवेरा के भी कई जगह प्लांटेशन लगा रखे है। ऐसे में यहां कच्चा माल भी काफी मिलता है।इसे देखते हुए विभाग की ओर से यहां प्रसंस्करण केन्द्र बनाए जा रहे है। रेंजर नरेन्द्र विश्नोई ने बताया कि बांसवाड़ा रोड स्थित करमदिया नर्सरी में केन्द्र का भवन बनाया गया है।इसके लिए 13 लाख 50 हजार रुपए लगाए गए है। यह कार्य मनोहरण वन सुरक्षा समिति के माध्यम से कराया गया है।वहीं एलोवेरा के लिए 50 हैक्टेयर में प्लांटेशन भी लगाया गया है।

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तीन स्थानों पर बनाए गए केन्द्र
वन विभाग की ओर से जिले में इस वर्ष तीन स्थानों पर लघु वन उपज संग्रहण केन्द्र बनाए गए है।जिसमें प्रतापगढ़ के करमलिया नर्सरी, धरियावद और पीपलखूंट में केन्द्र बनाए गए है।जबकि बांसी में पांच वर्षसे प्रसंस्करण केन्द्र चल रहा है। जिसमें एलोवेरो, आंवला का जूस तैयार किया जा रहा है।इसके साथ ही हर्बल गुलाल भी तैयार की जा रही है।
वन सुरक्षा समितियों को मिलेगा रोजगार
विभाग की ओर से बनाएग लघु वन उपज संग्रहण केन्द्र में विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यह उत्पाद स्थानीय वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से ही तैयार होंगे।इसके बाद विपणन भी कराएंगे।जिससे समितियों के लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
शुद्ध उत्पाद बनाएंगे
प्रतापगढ़ के जंगल में कई औषधीय पादप पाए जाते है।जिसमें आंवला और एलोवेरा भी काफी मात्रा में है। इसे देखते हुए बांसी में लघु वन उपज प्रसंस्करण केन्द्र पर उत्पाद तैयार किए गए थे।इसके अच्छे परिणाम को देखते जिले में धरियावद, प्रतापगढ़ और पीपलखूंट में भी लघु वन उपज संग्रहण केन्द्र बनाए गए है।इनमें हम शुद्ध उत्पाद बनाएंगे।
अमरसिंह गोठवाल
उपवन संरक्षक, प्रतापगढ़

Published on:
01 Jun 2018 10:15 am