
प्रतापगढ़ .जिले में इन दिनों कई इलाकों से मिट्टी का अवैध हो रहा है। वन भूमि में भी कई क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है। अवैध खनन कर मिट्टी का ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाई जा रही है। यहां मुख्यालय पर आए दिन इस प्रकार से मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां देखी जा सकती है। गौरतलब है कि जिले के वन भूमि से मिट्टी का खनन गत कई वर्षों से किया जा रहा है। ऐसे में कई बार खनन माफिया और वन विभाग की भिड़ंत भी हो चुकी है। इसे लेकर धमोतर थाने, देवगढ़ थाने में गत वर्ष में रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है। वन विभाग की ओर से कार्रवाई करने पर खनन माफिया कुछ दिनों के लिए रुककर फिर सक्रिय हो जाते है। सूत्रों के अनुसार अधिकांश मिट्टी ईंट-भट्टों में काम ली जाती है। छोटीसादड़ी के नदी के किनारे व घाटी वाले हनुमान नदी के किनारे भी खनन किया हुआ है। बारावरदा नदी किनारे और जाखम के पेटे में कई जगह खनन होता है।
बिना वाहन के गश्ती दल
वन विभाग की ओर से जिले में जंगल में अवैध गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की जाती है।जिसमें पेड़ों को कटाई, खनन, वन उपज का अवैध दोहन आदि पर कड़ी नजर रखी जाती है। इसके बावजूद भी कई स्थानों पर तस्करों की अवैध गतिविधियां बढ़ जाती है। विभाग की ओर से गश्ती दल अलग से बनाया गया है।जो क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की रोकथाम करती है।लेकिन यहां बनाए गए दल के पास कोई वाहन सुविधा नहीं है। चार पहिया वाहन इसके लिए आवश्यक होता है। सूत्रों के अनुसार कोईभी सूचना मिलने पर गश्ती दल को मोटरसाइकिलों से ही संबंधित स्थान पर जाना होता है।
करते है कार्रवाई
&विभाग की ओर से अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इसके लिए समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है। लेकिन कई बार तस्करों का मुकाबला करना होता है।ऐसे में हम पुलिस की भी मदद लेते है। अवैध खनन को लेकर जिले में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि कार्रवाई की जाए। गश्ती दल को वाहन के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है
सुबोधकुमार राजपूत सहायक उपवन संरक्षक, प्रतापगढ़
रोक आवश्यक
&जिले के जंगल में अवैध खनन और कटाई होने से वन सम्पदा को नुकसान हो रहा है।इसके लिए वन विभाग को गश्त मजबूत करनी होगी। इसके अभाव में जंगल खत्म हो जाएंगे। वहीं खनन से उपजाउ मिट्टी कम हो रही है। ऐसे में नए पौधे उगने में भी कमी होगी।
लक्ष्मणसिंह चिकलाड़
अध्यक्ष, वन सुरक्षा समिति
मनरेगा के कार्यों में गौतमेश्वर तालाब की पाल खोदी
अरनोद. गोतमेश्वर महादेव तालाब में तालाब गहरीकरण को लेकर मनरेगा के अंतर्गत कार्य चल रहा है लेकिन ग्राम विकास अधिकारी की बिना जानकारी के मेट और मजदूरों ने मिलकर तालाब की पाल खोदकर रास्ता बना दिया। इसके चलते बारिश में किसी हादसे की आशंका बनी रहेगी।
आकस्मिक निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं
उपखंड अधिकारी बिंदुबाला राजावत ने तालाब में गहरीकरण के कार्य का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर भारी अनियमितता पाई गई। मौके पर न मेट मौजूद था वहीं मजदूर भी काफी कम थे। मेट की ओर से मस्टररोल तक नहीं दिया गया वहीं हाजिरी भी नहीं ली गई थी।
मेट को ब्लेक लिस्टेड करने के निर्देश
उपखंड अधिकारी राजावत ने मेट अंजलि को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए और विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि भविष्य में सभी मनरेगा कार्यो में सुबह हाजिरी होना सुनिश्चित करें, अन्यथा मस्टररोल शून्य घोषित कर दिया जाएगा।
पाल यथावत करने के निर्देश
&कनिष्ठ लिपिक को मौके पर जाकर तालाब की पाल यथावत करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षमण लाल खटीक, पंचायत प्रसार अधिकारी, पंचायत समिति अरनोद