प्रतापगढ़

मंत्री जी ने कहा- ‘मैं मीणा पहले, मंत्री बाद में’, सबसे पहले समाज के हितों की रहेगी प्राथमिकता

यह लड़ाई दुराचार के खिलाफ है। दुराचारी किसी भी समाज का हो, उसे सजा मिलनी ही चाहिए। लोग कह रहे हैं कि चुनाव नजदीक है, ऐसे में यह मुद्दा बनाया जा रहा है, मुझे इसकी जरुरत नहीं है...
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nandlal meena

प्रतापगढ़। सालमगढ़ में गत दिनों से चल रहे विवाद के बाद जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री नंदलाल मीणा ने शुक्रवार को सालमगढ़ क्षेत्र के आदिवासी समाज की बैठक ली। इस दौरान मंत्री ने कहा कि मैं मीणा पहले हूं, मंत्री बाद में हूं। इसलिए मीणा समाज के हितों को प्राथमिकता रहेगी। यह लड़ाई दुराचार के खिलाफ है। दुराचारी किसी भी समाज का हो, उसे सजा मिलनी ही चाहिए। लोग कह रहे हैं कि चुनाव नजदीक है, ऐसे में यह मुद्दा बनाया जा रहा है, मुझे इसकी जरुरत नहीं है। मंत्री मीणा के बुलावे पर जिला कलक्टर भंवरलाल मेहरा, प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक शिवराज मीना और बांसवाड़ा पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत बैठक में पहुंचे। रावत ने कहा कि मंत्री के निर्देश पर बालिका से दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई क्राइम ब्रांच से कराई जा रही है।

महिला आयोग ने लिया प्रसंज्ञान
राज्य महिला आयोग ने जनजाति क्षेत्र विकास मंत्री नंदलाल मीणा के दुष्कर्म पीडि़ता को खुलेआम मंच पर लाने और जनजाति क्षेत्र के लोगों को राहत के लिए पुलिस कार्रवाई नहीं होने के मामले में प्रसंज्ञान लिया है। आयोग ने प्रतापगढ़ के जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से सोमवार तक तथ्यात्मक व प्रगति रिपोर्ट तलब की है। हाल ही मीणा ने प्रतापगढ़ जिले में दुष्कर्म पीडि़त बालिका के मामले में अपराधियों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर पुलिस अधीक्षक पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। पुलिस अधीक्षक के लिए यहां तक कह दिया था कि उन्हें जाति की वजह से प्रतापगढ़ क्षेत्र में लगाया गया है। आयोग ने पुलिस अधीक्षक व कलक्टर से यह जानकारी भी मांगी है कि पीडि़ता मंच पर लाई गई या स्वयं आई, उसे मंच पर क्यों लाना पड़ा? क्या आवाज उसी की है या नहीं?

Updated on:
23 Jun 2018 02:37 pm
Published on:
23 Jun 2018 02:27 pm