प्रतापगढ़

Pratapgarh: ODOP नीति में हुआ अहम बदलाव, थेवा कारोबारियों को मिलेगा 20 लाख रुपए तक अनुदान

प्रतापगढ़ के प्रसिद्ध थेवा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ओडीओपी नीति-2024 में बड़ा बदलाव किया गया है। अब नई इकाइयों के साथ विस्तार करने वाले उद्यमियों को भी 20 लाख रुपए तक अनुदान मिलेगा। निजी संस्थानों से तकनीकी अपग्रेडेशन पर भी सहायता मिलेगी।
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theva udhyog
प्रतापगढ़ थेवा उद्योग

प्रतापगढ़। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लागू एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) नीति-2024 में दो महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब प्रतापगढ़ जिले के प्रसिद्ध (थेवा) उत्पाद से जुड़े उद्यमों को विस्तार करने पर भी मार्जिन मनी अनुदान मिलेगा। साथ ही, उद्यमी निजी संस्थानों के माध्यम से भी तकनीकी अपग्रेडेशन कर सकेंगे। इस संबंध में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की महाप्रबंधक मंजू माली ने बताया कि राज्य बजट 2026-27 में ओडीओपी इकाइयों को विस्तार के लिए भी मार्जिन मनी अनुदान देने की घोषणा की गई थी।

संशोधन के बाद अब विस्तार करने वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को 20 लाख रुपए तक का मार्जिन मनी अनुदान प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 15 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बजट का प्रावधान भी किया है। पहले यह लाभ केवल नई इकाइयों तक सीमित था।

पांच लाख रुपए तक का अनुदान

उन्होंने बताया कि अब ओडीओपी नीति के तहत निजी संस्थानों के माध्यम से भी तकनीकी अपग्रेडेशन कराया जा सकेगा, जिस पर 5 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। पूर्व में यह सुविधा केवल राजकीय संस्थानों के माध्यम से तकनीकी उन्नयन कराने पर उपलब्ध थी। इस बदलाव से इकाइयां आधुनिक तकनीक और मशीनों का उपयोग कर कम ऊर्जा खपत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक इकाइयों को नीति का लाभ दिलाकर स्थानीय उत्पादों को मजबूती प्रदान करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। चयनित ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए भी सहायता दी जा रही है।

मेलों में भागीदारी पर भी सहायता

ओडीओपी नीति-2024 के तहत राज्य के सभी राजस्थान के 41 जिलों में एक-एक विशिष्ट उत्पाद की पहचान की गई है। इस योजना के अंतर्गत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपए तक का मार्जिन मनी अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपए तक अनुदान, क्वालिटी सर्टिफिकेशन एवं आईपीआर पर 3 लाख तक पुनर्भरण की सुविधा उपलब्ध है। विपणन आयोजनों और मेलों में भाग लेने के लिए 2 लाख रुपये तक सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए तक दो वर्षों के लिए पुनर्भरण तथा कैटलॉगिंग एवं ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 75 हजार रुपए तक एकमुश्त सहायता का प्रावधान किया गया है।

Updated on:
25 May 2026 02:35 pm
Published on:
25 May 2026 02:35 pm