प्रतापगढ़

राजस्थान में पशुओं का वृहद टीकाकरण अभियान शुरू, प्रतापगढ़ जिले में 4,85,500 जानवरों को लगेंगे टीके

राजस्थान के पशुपालकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। विभाग द्वारा पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है।

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पशुओं का टीकाकरण करती टीम (फोटो-पत्रिका)

प्रतापगढ़। जिले में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसे संक्रामक रोग से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है। मानसून से पहले चलाया जा रहा यह अभियान 15 मई तक जारी रहेगा। विभाग को इस बार 4 लाख 85 हजार 500 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें गोवंश और भैंसवंश दोनों शामिल हैं। अब तक एक लाख 20 हजार से अधिक पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है और शेष लक्ष्य को तय समय में पूरा करने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

अभियान के तहत पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। विभाग द्वारा पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान खुरपका-मुंहपका रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए समय रहते टीकाकरण करना बेहद जरूरी है।

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कैसे फैलता है खुरपका-मुंहपका रोग?

खुरपका-मुंहपका रोग एक अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित बीमारी है, जो एक पशु से दूसरे पशु में तेजी से फैलती है। इस रोग के लक्षणों में बुखार, मुंह और खुरों पर फफोले, मुंह से लार गिरना और चलने में परेशानी शामिल हैं। यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने, दूषित चारा-पानी के सेवन या संक्रमित बिछावन के संपर्क से फैलती है।

खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का तरीका

विशेषज्ञों के अनुसार, इस रोग का कोई प्रभावी इलाज नहीं है, इसलिए टीकाकरण ही इससे बचाव का सबसे कारगर उपाय है। यही कारण है कि पशुपालन विभाग हर वर्ष मानसून से पहले यह अभियान चलाता है, ताकि पशुओं को समय रहते सुरक्षा मिल सके।

खुरपका-मुंहपका रोग से होने वाले नुकसान

खुरपका-मुंहपका रोग पशुपालकों के लिए आर्थिक रूप से बेहद नुकसानदायक साबित होता है। इससे पशुओं का वजन घटता है, दूध उत्पादन कम हो जाता है और प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है। साथ ही, संक्रमित पशुओं को पूरी तरह स्वस्थ होने में लंबा समय लगता है, जिससे पशुपालकों को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाएं और इस अभियान में सहयोग करें, ताकि बड़े आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

जिले के इन ब्लॉकों में हुआ इतना टीकाकरण

  • मोखमपुरा- 16350
  • धमोतर- 12990
  • अरनोद- 10850
  • दलोट- 17122
  • पीपलखूंट- 17250
  • सुहागपुरा- 15400
  • छोटीसादड़ी- 11540
  • धरियावद- 18595
  • पोली क्लिनिक- 90

जिले में किया जा रहा टीकाकरण

'जिले में पशुओं के मुंहपका और खुरपका रोग से बचाने के लिए टीकारण कार्य किया जा रहा है। जिले में 4,85,500 पशुओं के टीकाकरण किया जाना है। जिले में सभी नोडल अधिकारियों को लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। इस आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है।' -डॉ. श्रीनिवास सांवले, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग प्रतापगढ़

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Published on:
22 Apr 2026 05:34 pm
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