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Pratapgarh: ड्रग कूरियर की आलीशान कोठी और लग्जरी SUV फ्रीज, 7 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई

Pratapgarh Police Action: प्रतापगढ़ जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस प्रकरण के आरोपी की करीब 70 लाख रुपए मूल्य की अवैध संपत्ति को फ्रीज की है।

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Pratapgarh Drug Smuggler Property Freeze

photo: patrika

Pratapgarh Police Action: प्रतापगढ़ जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस प्रकरण के आरोपी की करीब 70 लाख रुपए मूल्य की अवैध संपत्ति को फ्रीज की है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ 1 के तहत वर्ष 2026 में यह जिले की सातवीं बड़ी कार्रवाई है।

70 लाख की संपत्ति फ्रीज

प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि अरनोद थाना क्षेत्र के फरेडी गांव निवासी नारायणलाल मीणा एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार आरोपी है। पुलिस की जांच के दौरान सामने आया कि वह लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में कूरियर के रूप में कार्य कर रहा था और अवैध कारोबार से अर्जित धन से संपत्तियां खड़ी की थीं।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने नशे के कारोबार से कमाए गए धन से फरेडी गांव में करीब 60 लाख रुपए की लागत से एक आलीशान मकान बनवाया था। इसके अलावा उसके पास एक जीप भी है। दोनों संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य करीब 70 लाख रुपए आंका गया है। एसपी ने बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के मकान और वाहन पर फ्रीजिंग बोर्ड लगाया।

ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार

थाना प्रभारी शिवलाल मीणा ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को अरनोद थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान नारायणलाल मीणा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलो 708 ग्राम ब्राउन शुगर तथा 1 किलो 723 ग्राम ब्राउन शुगर में मिलाए जाने वाले रसायन बरामद किए थे। इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। बाद की जांच में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त रहा है और इसी अवैध कारोबार से उसने संपत्ति अर्जित की है। जांच में उसके नाम पर गांव फरेडी स्थित लगभग 60 लाख रुपए मूल्य का मकान तथा करीब 10 लाख रुपए कीमत की जीप चिन्हित की गई। दोनों संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 70 लाख रुपए आंका गया है।

प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कार्रवाई

थानाधिकारी अरनोद शिवलाल मीणा द्वारा संपत्ति फ्रीजिंग का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार की सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (एफओपी) एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली को भेजा गया था। सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ फ्रीजिंग नोटिस जारी कर दिए गए।

पुलिस ने संबंधित संपत्तियों पर बोर्ड लगाकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भी सूचित कर दिया है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले मादक पदार्थ तस्करी के मुख्य आरोपी उस्मान खान की करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपए मूल्य की संपत्तियां भी फ्रीज की जा चुकी हैं। इनमें वाहन, फार्म हाउस, पशुधन और आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। ऑपरेशन त्रिनेत्र के माध्यम से न केवल तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी संपत्तियों को भी जब्त एवं फ्रीज कर आर्थिक रूप से कमजोर करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।