Rajasthan News: प्रतापगढ़ जिले के धरियावद स्थित एक निजी बैंक में करीब ढाई करोड़ रुपए के गबन की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शाखा प्रबंधक प्रशांत काबरा ने बैंक प्रबंधन से मिले टारगेट को पूरा करने और खुद की जरूरतें पूरी करने के लिए यह गबन किया था।
Embezzlement Of Rs 2.5 crore Case: प्रतापगढ़ जिले के धरियावद स्थित एक निजी बैंक में करीब ढाई करोड़ रुपए के गबन की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शाखा प्रबंधक प्रशांत काबरा ने बैंक प्रबंधन से मिले टारगेट को पूरा करने और खुद की जरूरतें पूरी करने के लिए यह गबन किया था। उसने कई लोगों के अकाउंट में हेराफेरी की। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मैनेजर प्रशांत काबरा तथा उदयपुर के व्यापारी एवं हिस्ट्रीशीटर जालम चंद जैन को गिरफ्तार किया है। जालम चंद उदयपुर के धानमंडी थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ करीब 19 मामले दर्ज हैं। इसने उदयपुर में करीब ढाई करोड़ की लागत का फार्म हाउस खरीदा था। जिस पर रिसोर्ट बनाया हुआ है। इस संपत्ति को फ्रीज करवाने के लिए पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दिया है। पुलिस ने बैंक के 62 खातों को फ्रीज कर 62 लाख 71 हजार 490 रुपए की राशि होल्ड करवाई है। आरोपी जालम चंद से 46 लाख 400 रुपए बरामद भी किए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। प्रतापगढ़ एसपी अमित कुमार ने बताया कि ग्राहकों की शिकायत के बाद 6 फरवरी को बैंक के रीजनल हेड ने गबन की रिपोर्ट दी थी। जांच के लिए एसआइटी गठित की थी।
यह भी पढ़ें : मनरेगा मजदूरों के लिए जरूरी खबर, अब कोई नहीं कर पाएगा आपके साथ फर्जीवाड़ा
आरोपी बैंक मैनेजर प्रशांत काबरा ने पुलिस को बताया कि उसने जालम चंद के एफडी खाते से ओवरड्राफ्ट लिमिट बना कुछ रुपए निकाले थे। जिसकी जानकारी जालम चंद को होने पर वह उसे ब्लैकमेल करने लगा और डरा-धमका कर 46 लाख 400 रुपए नकद व लगभग 2 करोड़ रुपए अपने बताए खातों में ट्रांसफर करवा लिए। आरोपी ने कई खातों में गलत मोबाइल नंबर अपडेट कर दिए। जिस कारण ओवर ड्राफ्ट अकाउंट खुलने व उस खाते से किए जा रहे ट्रांजेक्शन की जानकारी किसी को नहीं मिल पाती थी।