
प्रतापगढ़. भगवान शिव के प्रिय सावन मास की शुरूआत इस बार 18 दिन बाद होगी, अधिकमास के चलते सावन 28 जुलाई से शुरू होगा। तिथियों के घटने के घटने-बढऩे से बढ़े हुए एक माह का समायोजन अधिकमास के रूप में किया जाता है, इसलिए अधिकमास के बाद आने वाले सभी व्रत त्यौहार गत वर्ष की अपेक्षा कुछ दिन आगे आएंगे। गत वर्ष सावन 10 जुलाई को शुरू हो गया था। वहीं गत वर्ष 7 अगस्त को सावन पूर्ण होने पर 29 दिन का सावन माह रहा था, जबकि इस बार सावन पूरे 30 दिन का रहेगा।
दो पर्व एक ही दिन
सावन मास 26 अगस्त हो स्नानदान पूर्णिमा के साथ सम्पन्न होगा। चूंकि इस बार 26 अगस्त हो ही रक्षाबंधन का त्यौहार है। इस कारण दोनों पर्व एक ही दिन होने के कारण धूमधाम रहेगी। इसका मुख्य कारण इस दिन रविवार होना भी है।
इस बार चार सावन सोमवार
इस बार चार सावन सोमवार रहेेंंगे। इस बार पहला सावन सोमवार 30 अगस्त का, दूसरा 6 अगस्त, तीसरा 13 अगस्त व चौथा 20 अगस्त हो रहेगा। 11 अगस्त को हरियाली अमावस्या की धूमधाम रहेगी, चूंकि हरियाली अमावस्या शनिवार को होगी, इस कारण शनि मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ नजर आएगी। वहीं 15 अगस्त को नागपंचमी मनाई जाएगी। जो स्वतंत्रता दिवस के दिन आएगी। पंडित अजय जोशी ने बताया कि अधिकमास के बाद आने वाले तीज त्योहारों में बढ़ोतरी हुई है। इस बार गत वर्ष की अपेक्षा 18 दिन बाद 28 जुलाई से प्रारंभ होगा। इस माह में शिव पार्वती की आराधना का विशेष फल मिलता है।
बैठक में शाही सवारी की तैयारियों पर हुई चर्चा
प्रतापगढ़ शिव भक्त मंडल की बैठक रविवार को दीपेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि मंडल का रजिस्ट्रेशन देवस्थान विभाग, उदयपुर राजस्थान सरकार द्वारा एक ट्रस्ट के रूप में कर दिया गया है। इस ट्रस्ट का गठन धार्मिक कार्यों के लिए किया गया है। बैठक में शाही सवारी 20 अगस्त को धूमधाम के साथ निकालने का निर्णय लिया। इसके साथ ही दीपेश्वर मंदिर परिसर में गंदगी हटाने के लिए नगर परिषद से कर्मचारी लगाने के लिए मांग रखी गई।
जो रोजाना यहां सफाई करने के लिए आएगा। शिव भक्त मंडल में नए नए सदस्यों को जोडऩे का कार्य किया जाने का निर्णय लिया गया।
यह रहेंगे उद्देश्य
ट्रस्ट के विभिन्न उद्ेदश्य है।जिसमें दीपेश्वर महादेव की श्रावण माह की शाही सवारी निकालना। कार्तिक मास की कार्तिक पूर्णिमा को दीपेश्वर मंदिर में अन्नकूट का आयोजन किया जाएगा। सार्वजनिक मंदिर, धार्मिक स्थान की साफ -सफाई व स्वच्छता का ध्यान रखना। विभिन्न उत्सव एवं पर्वों पर मंदिर में लाइटिंग व सजावट का कार्य करना। प्रतापगढ़ क्षेत्र में आए साधु-संतों का स्वागत एवं सत्कार करना एवं उनके निवास व भोजन की व्यवस्था करना। सार्वजनिक मंदिर धार्मिक स्थान पर किसी भी प्रकार का धार्मिक कार्य जैसे सत्संग, कथा, भजन, अनुष्ठानए रात्रि जागरण हवन व अन्य आयोजन करना। मंदिर, पार्क, धर्मशाला, कुआं, बाग-बगीचों का निर्माण, मरम्मत कार्य व व्यवस्थापन करना। समाज में दीन दुखी, पीडि़त, असहाय निराश्रित, विधवा आदि की यथासंभव सहायता करना। पुस्तकालय, ग्रंथालय व वाचनालय का प्रारंभिकरण, व्यवस्थापन एवं समाज में हिंदू धर्म पर आधारित साहित्य उपलब्ध करवाना। धार्मिक, शैक्षणिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं व गोष्ठी आयोजित करवाना और प्रोत्साहन के लिए पारितोषिक देना रहेगा।