प्रतापगढ़

सभापति ने कामकाज पर सवाल उठाए तो बगलें झांकने लगे अधिकारी, सांसद ने लगाई लताड़

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद सीपी जोशी ने अधिकारियों को दिए निर्देश  
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pratapgarh
सभापति ने कामकाज पर सवाल उठाए तो बगलें झांकने लगे अधिकारी, सांसद ने लगाई लताड़

प्रतापगढ़.जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बुधवार को मिनी सचिवालय में चित्तौडगढ़़-प्रतापगढ़ सांसद सीपी जोशी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभापति कमलेश डोसी ने जलदाय विभाग के अधिकारियों के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए तो अधिकारियों से जवाब देते नहीं बना। वे बगलें झांकने लगे। इस पर सांसद सीपी जोशी ने अधिकारियों को लताड़ लगाई और विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की । सांसद ने कहा कि सभी विकास अधिकारी गांवों में श्मशान भूमि के लिए प्रस्ताव बनाएं और प्राथमिकता से भू-आवंटन करें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, शहरी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण में अब तक के वर्षो में निर्मित आवास, किश्त भुगतान पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। सांसद ने जलदाय विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि शहर में चल रही 94 करोड़ की पेयजल पुनर्गठन योजना को 28 फरवरी तक पूरी करें।
सांसद ने स्वच्छ भारत मिशन में प्रतापगढ़ नगर परिषद के काम को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार योजना के तहत शौचालयों की मरम्मत आदि के लिए अलग से बजट देने पर विचार कर रही है। उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिया कि वे बकाया शौचालय निर्माण की राशि का संबंधित लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित करेंं।
सभापति ने कहा, शहर में 10-10 दिन तक नहीं होती जलापूर्ति: बैठक में जलदाय विभाग की लापरवाही सामने आई। सांसद ने जब उनसे पूछा कि शहर में पाइप लाइन बदलने की चल रही 94 करोड़ की पुनर्गठन पेयजल योजना का काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ? इस पर अधिकारियों के पास एकाएक कोई जवाब था। इस पर सांसद ने अधिकारियों से इस योजना को पूरा करने की तारीख पूछी तो अधिकारियों ने मार्च में काम पूरा होने की बात कही। लेकिन सांसद ने 28 फरवरी की डैडलाइन दी। बैठक में पेयजल को लेकर नगरपरिषद सभापति कमलेश डोसी ने कहा कि जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता की परस्पर पटरी नहीं बैठती। इसके चलते शहर में पेयजल आपूर्ति का काम अटका हुआ है। शहर में 10-10 दिन तक जलापूर्ति नहीं होती। जब इनसे फोन लगा कर पूछते हैं तो एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर पल्ला झाड़ लेते हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमेन्द्र नागर ने बताया कि अब तक जिले की प्रतापगढ़ एवं छोटीसादड़ी पंचायत समितियों को डिजिटल घोषित कर दिया गया है।
ऑफिस में नहीं बैठें, फील्ड में जाएं अफसर
सांसद ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को कहा कि ऑफिस में ही नहीं बैठे, फील्ड में जाकर काम करें। सांसद ने प्रतापगढ़, पीपलखूंट एवं अरनोद ब्लॉक में जाखम बांध से 554 गांवों को पेयजल सप्लाई योजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में होने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की सूचना जनप्रतिनिधियों को दें और कार्यक्रमों में उनको आमंत्रित करें।
उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, पोषाहार वितरण, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास, सर्व शिक्षा अभियान और डिजिटल इंडिया योजना की समीक्षा की।

Published on:
31 Jan 2019 11:26 am