शुक्रवार सुबह एक वाकया ऐसा हुआ कि जिसने भी सुना उसक दिल धक सा रह गया। प्रतापगढ़ जंक्शन से कानपुर जा रही इंटरसिटी एक्‍सप्रेस ट्रेन में लोको पायलट की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
शुक्रवार सुबह एक वाकया ऐसा हुआ कि जिसने भी सुना उसक दिल धक सा रह गया। प्रतापगढ़ जंक्शन से कानपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में लोको पायलट की हार्ट अटैक से मौत हो गई। अमेठी जनपद के कासिमपुर हाल्ट के निकट ट्रेन चालक गिरीश चंद्र की तबीयत अचानक खराब हो गई। कुछ ही देर में ट्रेन पायलट की मौत हो गई। इससे करीब आधे घंटे ट्रेन खड़ी रही। इसके बाद अन्य पायलट की व्यवस्था कर रेलवे ने ट्रेन को आगे रवाना किया।
अचानक हुई मौत
प्रतापगढ़ जंक्शन से शुक्रवार सुबह इंटरसिटी एक्सप्रेस कानपुर जा रही थी। ट्रेन पायलट गिरीश चंद शर्मा (55 वर्ष) थे। गिरीश चंद्र सुबह छह बजे प्रतापगढ़ से कानपुर ट्रेन ले जाते समय कासिमपुर हाल्ट पर पहुंचे थे। वहां पर इंजन की पाइप ठीक करने के लिए नीचे उतरे थे। उसी समय किसी का फोन आया। वह बात करने लगे कि इसी बीच वह अचेत होकर गिर पड़े। यह देख वहां अफरा-तफरी मच गई। कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। एंबुलेंस पहुंची। उनको फुरसतगंज अस्पताल ले जाया गया। वहां पर उनको मृत घोषित कर दिया गया।
मौके पर पहुंचे आला अफसर
इंटरसिटी ट्रेन के लोको पायलट की अचानक हुई मौत की सूचना पर रेलवे के आला अफसर व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। दूसरे लोको पायलट की व्यवस्था कराने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान करीब आधे घंटे ट्रेन वहीं खड़ी रही।
प्रतापगढ़ के वासी थे गिरीश चंद्र शर्मा
लोको पायलट गिरीश चंद्र शर्मा प्रतापगढ़ जनपद में सदर के परसरामपुर के निवासी थे। उनके पिता अवध नारायण भी रेलवे में थे। गिरीश दो भाइयों में छोटे थे। इनके दो बच्चे हैं। पहले वह रेलवे कालोनी में परिवार संग रहा करते थे। 10 साल से गांव वाले घर पर रहने लगे थे। जानकारी होने पर गिरीश के परिवार के लोगों रवाना हो गए। लोको लाबी, लोको पायलट, गार्ड समेत रेलवे कर्मचारी दुखी है।
तनाव नहीं हृदयाघात से हुई मौत
रेल कर्मी इस घटना के पीछे कार्य का तनाव बता रहे हैं। जबकि प्रतापगढ़ स्टेशन अधीक्षक शमीम अहमद ने बताया कि, हृदयाघात से मौत की बात परिवार ने बताई है।