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राजा भैया-भानवी सिंह विवाद के मामले में नया अपडेट; MP-MLA कोर्ट में ही होगी सुनवाई

Raja Bhaiya And Bhanvi Singh Latest News: कुंडा से विधायक राजा भैया को कोर्ट से झटका लगा है। पढ़िए, उनकी पत्नी भानवी सिंह से विवाद के मामले में नया अपडेट क्या है?

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raja bhaiya receives setback from delhi high court latest update on his dispute with wife bhanvi singh

राजा भैया-भानवी सिंह केस में नया अपडेट। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Raja Bhaiya And Bhanvi Singh Latest News: कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फराजा भैया को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई के मंच को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में ही जारी रहेगी।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनाया फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने 30 मई 2026 को 24 पृष्ठों का विस्तृत फैसला सुनाते हुए कहा कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित एमपी-एमएलए विशेष अदालत घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम (पीडब्ल्यूडीवी एक्ट) के तहत दायर मामलों की सुनवाई करने के लिए सक्षम है। अदालत ने माना कि कानून के तहत इस प्रकार के मामलों की सुनवाई विशेष अदालत में किए जाने पर कोई कानूनी बाधा नहीं है।

भानवी कुमारी ने पीडब्ल्यूडीवी एक्ट के तहत दायर की थी याचिका

राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत राउज एवेन्यू कोर्ट में एसीजेएम-04 के समक्ष याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका की सुनवाई के अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।

राजा भैया ने उठाया था अधिकार क्षेत्र का मुद्दा

राजा भैया ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में तर्क दिया था कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत होने वाली कार्यवाही मुख्य रूप से सिविल प्रकृति की होती है। इसलिए इस मामले की सुनवाई किसी विशेष एमपी-एमएलए अदालत में नहीं, बल्कि साकेत कोर्ट के सामान्य मजिस्ट्रेट के समक्ष होनी चाहिए। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि मामले को सामान्य अदालत में स्थानांतरित किया जाए।

हाईकोर्ट ने दलीलों को किया खारिज

हाईकोर्ट ने राजा भैया की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि केवल इस आधार पर कि मामला घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़ा है, एमपी-एमएलए कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को नकारा नहीं जा सकता। न्यायालय ने माना कि विशेष अदालतें ऐसे मामलों की सुनवाई करने के लिए विधिक रूप से सक्षम हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी किया उल्लेख

अपने फैसले में हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का भी हवाला दिया, जिनके तहत सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था बनाई गई है।

अदालत ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है और इसे कमजोर नहीं किया जा सकता।

एमपी-एमएलए कोर्ट को सुनवाई का अधिकार

फैसले में स्पष्ट किया गया कि राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत को इस मामले की सुनवाई करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। इसलिए भानवी कुमारी सिंह की याचिका की सुनवाई वहीं जारी रहेगी।

आरोपों की सत्यता पर नहीं की कोई टिप्पणी

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके इस आदेश का संबंध केवल मामले की सुनवाई के मंच (फोरम) से है। अदालत ने घरेलू हिंसा के आरोपों की सत्यता, साक्ष्यों या मामले की मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है। न्यायालय ने कहा कि आरोपों से जुड़े सभी तथ्य और कानूनी पहलू संबंधित अदालत में सुनवाई के दौरान तय किए जाएंगे।

अब विशेष अदालत में आगे बढ़ेगी सुनवाई

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भानवी कुमारी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में ही आगे बढ़ेगी। अदालत के आदेश को राजा भैया के लिए कानूनी झटके के रूप में देखा जा रहा है, जबकि मामले की आगे की सुनवाई अब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।

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