
आम के बगीचे में लटका मिला युवती का शव, PC- Patrika
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह एक 19 साल की युवती का शव आम के बगीचे में पेड़ से लटकता मिला। घर से महज 100 मीटर दूर हुई इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। शव के पास 20 मीटर दूर युवती के अंडरगारमेंट्स और चप्पल बिखरे पड़े थे। शरीर पर खून के निशान, गले-होंठों-पीठ पर खरोंच और दांत से काटने के स्पष्ट निशान मिले। मां ने रोते-बिलखते हुए आरोप लगाया कि बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर शव को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या का मामला बनाने की कोशिश की गई। इस मामले पर अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर करारा प्रहार किया है।
शनिवार रात करीब 2 बजे परिवार सो रहा था। मां की आंख खुली तो बेटी बिस्तर पर नहीं थी। उन्हें लगा शायद बाथरूम गई होगी। सुबह उठने पर भी बेटी घर में नहीं मिली। परिवार ने सोचा कि शायद खेत चली गई होगी और वे अपने काम में लग गए। सुबह 7 बजे गांव के एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि बेटी का शव बाग में पेड़ से लटक रहा है। मां नंगे पैर भागती हुई मौके पर पहुंची और बेटी को देखकर चीख-चीख कर रो पड़ी।
युवती परिवार की पांचवीं बेटी थी। घर में माता-पिता, छह बहनें और चार भाई हैं। पिता ई-रिक्शा चलाकर परिवार चलाते हैं। मृतका ने हाल ही में इंटरमीडिएट परीक्षा 73% अंकों के साथ पास की थी। वह पढ़ाई में लगनशील थी और भविष्य के सपने देख रही थी।
सीओ कुंडा अमरनाथ गुप्ता और एसपी दीपक भूकर ने तुरंत मौके का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठा किए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई है। मामले की गहन छानबीन जारी है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस जघन्य घटना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे प्रतापगढ़ में एक दलित बेटी की जघन्य हत्या बताया और कहा कि यह बेहद दुखद और निंदनीय है। अखिलेश ने सवाल उठाया- उत्तर प्रदेश में ‘पीडीए बेटियों’ की हत्या का सिलसिला क्यों जारी है? क्या भाजपा सरकार की महिला सुरक्षा की बातें खोखली हैं या फिर महिला सुरक्षा में भी भेदभाव हो रहा है?
उन्होंने आगे कहा, 'जब घुमंतू माननीय को चुनाव प्रचार से फुरसत मिल जाए तो अपने उत्तर प्रदेश की बेटियों की दुर्दशा पर भी नजर डालिएगा। वैसे अन्याय और अत्याचार के सिवाय आपसे प्रदेश की किसी बहन-बेटी-माता को कोई उम्मीद है नहीं। हम फिर से याद दिला दें कि कानपुर की एक बेटी आपसे मिलने का समय मांगते-मांगते सार्वजनिक रूप से हताशा व्यक्त कर चुकी है। एक असंवेदनशील व्यक्ति के रूप में आप जो चाहे करें परन्तु अपने पद का मान रखने के लिए, उस बेबस बेटी से जरूर मिलें। ये पूरे प्रदेश की मांग है, कम-से-कम जाते समय तो कोई अच्छा काम कर जाइए।'
Updated on:
27 Apr 2026 08:33 pm
Published on:
27 Apr 2026 08:18 pm
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