
कुंडा विधायक राजा भैया। फोटो सोर्स- फेसबुक (Raja Bhaiya Youth Brigade)
Raja Bhaiya Latest News: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद देशभर की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। अलग-अलग राज्यों में मिले जनादेश पर सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इन नतीजों ने संबंधित राज्यों की राजनीति को प्रभावित कर दिया है। चुनाव नतीजों को लेकर उत्तर प्रदेश की कुंडा सीट से विधायक राजा भैया ने भी एक पोस्ट किया है।
चुनावी नतीजों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए भारी बहुमत हासिल किया है। वहीं केरल में कांग्रेस को सफलता मिली है।वहीं, प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ ने इन नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे विचारधारा की जीत और हार से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है।
राजा भैया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "मिट गए सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले।'' उन्होंने अपने 3 साल पुराने ट्वीट जो उन्होंने 3 सितंबर 2023 को किया था उसे भी शेयर किया, जिसमें उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान का विरोध किया गया था।
यह पूरा विवाद साल 2023 में दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जब DMK प्रमुख एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने एक कार्यक्रम में सनातन धर्म की तुलना मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से की थी। उन्होंने कहा था कि इसे केवल विरोध नहीं बल्कि पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए। इस बयान के बाद देशभर में राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। राजा भैया ने उस समय भी इस बयान की कड़ी आलोचना की थी और इसे हिंदू समाज के प्रति अपमानजनक बताया था। उन्होंने विपक्षी गठबंधन से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की थी।
राजा भैया का ताजा बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में भी ‘सनातन’ और हिंदुत्व जैसे मुद्दों पर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। पिछले कुछ समय से राजा भैया इन मुद्दों पर अधिक सक्रिय और मुखर नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु के चुनावी नतीजों को ‘सनातन की जीत’ के रूप में पेश कर राजा भैया उत्तर प्रदेश में अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी देता है कि धार्मिक मुद्दे आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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Updated on:
05 May 2026 10:14 am
Published on:
05 May 2026 10:14 am
