
अनाइजा की फाइल फोटो।
रानीगंज के दुर्गागंज जयरामपुर कस्बे निवासी शाकिर राइन सब्जी की दुकान करते हैं। रविवार दोपहर का समय था। गांव निवासी शाकिर राइन के घर में बच्चे खेल रहे थे। हंसी-खुशी के बीच उनकी दो वर्षीय बेटी अनाइजा भी बाकी बच्चों के साथ लुका-छिपी खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई।
शुरुआत में परिवार को लगा कि बच्ची घर में ही कहीं छिपी होगी, लेकिन काफी देर तक कोई आवाज या हलचल नहीं हुई। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों आवाज लगाते हुए घर के हर कोने में उसकी खोजबीन करने लगे। छत, आंगन, कमरे हर जगह तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
शोर सुनकर कुछ ही समय में गांव के लोग भी जुट गए। अपहरण की आशंका के चलते आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक खंगाली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
करीब घंटों बाद परिजन दोबारा घर के अंदर तलाश करने लगे। इसी दौरान किसी की नजर कमरे में रखे दीवान (बेड) पर पड़ी। जैसे ही बेड का बॉक्स खोला गया, वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। मासूम बच्ची अंदर अचेत अवस्था में पड़ी थी। परिजन उसे तुरंत रानीगंज ट्रामा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि बेड के बॉक्स के ऊपर भारी गद्दे और बिस्तर रखे थे। इससे अंदर हवा जाने की कोई गुंजाइश नहीं बची। आशंका है कि बच्ची खुद ही खेल-खेल में बॉक्स के अंदर छिप गई होगी, लेकिन बाहर नहीं निकल पाई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार की चीख-पुकार सुन हर किसी की आंखें नम हैं। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है। प्रारंभिक तौर पर इसे हादसा माना जा रहा है, हालांकि कुछ लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि किसी किशोरी ने बच्ची को बॉक्स में छिपाया हो, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
Updated on:
06 Apr 2026 12:33 pm
Published on:
06 Apr 2026 12:29 pm
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