
विंजिलेंस टीम ने BPM को 50 हजार की घूस लेते किया गिरफ्तार, PC- Patrika
प्रतापगढ़ : उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की पोल एक बार फिर खुल गई है। प्रतापगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बाघराय में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) के पद पर तैनात अमित कुमार मिश्रा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने बुधवार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे स्वास्थ्य केंद्र में खलबली मच गई है।
आरोपी अमित कुमार मिश्रा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गुरुवार को उन्हें एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रयागराज स्थित सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने इंस्पेक्टर नन्हें राम सरोज के नेतृत्व में यह ट्रैप ऑपरेशन अंजाम दिया।
बाघराय निवासी एक युवक ने पीएचसी हरदोपट्टी में सफाई कर्मी (स्वीपर) के पद पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। आवेदन बीपीएम अमित कुमार मिश्रा के पास पहुंचने पर उन्होंने आवेदक से साफ कहा कि इस पद पर नौकरी लगवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये (1.50 लाख) लगेंगे।
अमित मिश्रा ने 50 हजार रुपये एडवांस लेने और शेष राशि एक सप्ताह के अंदर देने की शर्त रखी।आवेदक इस मांग से परेशान हो गया और उसने तुरंत एसपी विजिलेंस कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सतर्कता टीम ने गोपनीय जांच की, जिसमें आरोप पूरी तरह सही पाए गए। इसके बाद 08 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12:35 बजे विजिलेंस टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाघराय पहुंचकर ट्रैप लगाया।
टीम ने अमित कुमार मिश्रा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। इस दौरान उनके सहयोगी सुंदर लाल मिश्रा (निकारी) को भी पकड़ा गया।
शिकायतकर्ता ने 6 अप्रैल 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। 1 अप्रैल 2026 को आरोपी अमित कुमार मिश्रा ने सफाई कर्मी के पद पर नौकरी लगवाने के लिए 1.5 लाख रुपये मांगे और 50 हजार रुपये एडवांस लेने की बात कही। विजिलेंस टीम ने जांच के बाद 8 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:35 बजे प्रतापगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाघराय में ट्रैप लगाकर अमित कुमार मिश्रा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान प्रयागराज सेक्टर की टीम कर रही है।
इस घटना से स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सरकारी पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर आम लोगों से मोटी रकम वसूलने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। विजिलेंस टीम ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9454404859 या 9454401866 पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
08 Apr 2026 09:35 pm
Published on:
08 Apr 2026 09:26 pm
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