
वाराणसी. कुंडा के क्षत्रिय बाहुबली राजा भैया के सामने कई राजघराने फेल हो गये। रैली में वाहनों का काफिला देख कर लोगों ने कहा कि पहली बार इतने वाहन एक साथ देखे हैं। लखनऊ में रैली स्थल पर उमड़ी भीड़ के बीच जब जनसत्ता पार्टी का ऐलान हुआ तो यूपी की राजनीति गर्म हो गयी। राजा भैया ने बेहद शानदार ढंग से अपनी नयी चुनावी पारी का आगाज किया है अब लोकसभा चुनाव 2019 में देखना है कि कितने प्रत्याशियों को जीत दिला पायेंगे।
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राजा भैया की रैली के लिए प्रतापगढ़ से जब वाहनों का काफिला निकला तो सड़क भी कम पडऩे लगी थी। राजा भैया के समर्थकों का दावा है कि काफिला में 50 हजार लग्जरी वाहन शामिल थे। काफिला जिस तरह से निकलता था लोग देखते रह जाते थे। यही हाल लखनऊ का भी था। रैली में शामिल संजय वर्मा ने बताया कि वहां पर इतनी भीड़ उमड़ी थी कि मैदान छोटा पड़ गया था। राजा भैया ने शक्ति प्रदर्शन कर दिखा दिया है कि उनकी नयी पारी किसी से कम नहीं होने वाली है।
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भगवा साफा बांध कर किया रैली को संबोधित
राजा भैया ने भगवा साफा बांध कर रैली को संबोधित किया। कहा कि कुंडा में मतदाताओं की संख्या चार लाख है और क्षत्रियों की संख्या 12000 है इसके बाद भी सात बार से लगातार विधायक बनते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जाति व धर्म को लोगों का मुझे प्यार व समर्थन मिलता है इसलिए जनसत्ता पार्टी बनायी है अब जाति व धर्म के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं होगा। राजा भैया के भाषण के समय उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी हो रही थी।
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लोकसभा चुनाव तय करेगा राजा भैया का भविष्य
राजा भैया ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अपनी नयी पार्टी जनसत्ता का ऐलान कर दिया है। लोकसभा चुनाव में राजा भैया के प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में ताल ठोकने को तैयार है। लोकसभा चुनाव में एक तरफ पीएम नरेन्द्र मोदी व अमित शाह की जोड़ी यूपी की अधिक से अधिक सीट पर कब्जा करने का प्रयास करेगी। जबकि दूसरी तरफ राहुल गांधी, मायावती व अखिलेश यादव का महागठबंन भी विरोधियों को चुनाव में पस्त करने में जुट जायेगा। शिवपाल यादव को भी अधिक से अधिक सीट जीत कर अपनी ताकत दिखानी है ऐसे में राजा भैया के सामने बड़ी चुनौती है यदि राजा भैया के अधिक से अधिक प्रत्याशी चुनाव में विजय होते हैं तो कुंडा की तरह देश की राजनीति में भी उनका डंका बजना तय है यदि ऐसा नहीं होता है तो राजा भैया को बड़ा झटका लगेगा।
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