
Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और दान विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया है। उनके मुताबिक, पूरे मामले की जांच हाई लेवल SIT कर रही है। जांच अभी जारी है। इसलिए इस समय किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कहा था कि सच सामने आएगा। इसके लिए 10 दिन का समय मांगा गया था, डेडलाइन पूरा होने से पहले सातवें दिन ही दोषी पाए गए लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध कहीं भी हो सकता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार उसके खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।
प्रतापगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज पांडेय ने कहा कि मामले की जांच एक बड़ी एजेंसी कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी तरह का निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी। इसी दिशा में जांच आगे बढ़ रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने तय समय के भीतर कार्रवाई भी की है। सातवें दिन ही दोषी पाए गए लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनके मुताबिक, सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ जांच कराने की नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी होती है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए मनोज पांडेय ने उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले उस समय हुई जांचों का हिसाब देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने मथुरा की एक घटना का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, हजारों करोड़ रुपये की सरकारी जमीन खाली कराने के लिए पुलिस गई थी। उसी दौरान एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को घसीटकर मार डाला गया था। इस घटना में एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
मंत्री ने सवाल उठाया कि मथुरा मामले की जांच का आखिर क्या हुआ। उनका कहना था कि कम से कम उस जांच के निष्कर्ष जनता और मीडिया के सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुई जांचों की जानकारी भी सार्वजनिक करनी चाहिए। उनके मुताबिक, जनता को यह जानने का अधिकार है कि उस मामले में जांच कहां तक पहुंची और उसका नतीजा क्या निकला।