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प्रतापगढ़ में CM योगी का विपक्ष पर हमला, राम आस्था और जातीय राजनीति पर कांग्रेस-सपा को घेरा

Yogi Targets Congress SP: प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आस्था, राम मंदिर और जातीय राजनीति को लेकर निशाना साधा।
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राम आस्था और जातीय राजनीति पर कांग्रेस-सपा को घेरा (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

CM योगी ने राम आस्था और जातीय राजनीति पर कांग्रेस-सपा को घेरा (फोटो सोर्स: पत्रिका)

Yogi Adityanath Targets Congress: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ जनपद में ₹384 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विपक्षी दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का उल्लेख करने के साथ-साथ प्रदेश और देश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पास अब जनता के सामने उठाने के लिए केवल जातीय विभाजन और आस्था से जुड़े मुद्दे ही बचे हैं। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर, अयोध्या और हिंदू धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए विपक्ष की नीतियों और पूर्व के रुख पर भी सवाल उठाए।

विकास परियोजनाओं को बताया UP की प्रगति का प्रतीक

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रतापगढ़ में ₹384 करोड़ से अधिक की लागत वाली विकास परियोजनाएं प्रदेश सरकार की विकासोन्मुख सोच का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना, बेहतर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है और यही "सबका साथ, सबका विकास" की भावना का वास्तविक स्वरूप है।

कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दोनों दल जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कैसे-कैसे मुद्दे लेकर आते हैं। जाति के नाम पर विभाजन करना या आस्था पर प्रहार करना, आज कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पास यही दो मुद्दे बचे हैं।" मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष समाज को बांटने की राजनीति करता है, जबकि उनकी सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है।

राम मंदिर और अयोध्या का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में राम मंदिर और अयोध्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारने का रहा है।उन्होंने कहा, "जो कांग्रेस कहती थी कि राम और कृष्ण हुए ही नहीं, जो अयोध्या में बाबरी ढांचे का समर्थन करके घड़ियाली आंसू बहाती थी, वही लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं। यह गिरगिट की तरह रंग बदलने जैसा है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपने विचार बदलना जनता की भावनाओं के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर उचित निर्णय भी करती है।

'आस्था पर बोलने का अधिकार किसे'

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखने वाले रामभक्त यदि अयोध्या और राम मंदिर की बात करें तो यह स्वाभाविक है, लेकिन जिन दलों ने पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, उन्हें इस विषय पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, "तुम्हारी आस्था कब से अयोध्या से हो गई? रामभक्त बोलें कि उनकी आस्था अयोध्या से जुड़ी है, उन्हें बोलने का अधिकार है। लेकिन कांग्रेस को बोलने का अधिकार नहीं है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता यह अच्छी तरह जानती है कि किसने वर्षों तक राम मंदिर के मुद्दे का विरोध किया और कौन आज आस्था की बात कर रहा है।

समाजवादी पार्टी के पुराने दौर का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि राम भक्तों के साथ हुए पुराने घटनाक्रम को देश भूला नहीं है। उन्होंने कहा, "जो समाजवादी पार्टी रामभक्तों पर गोली चलाती थी, वह आज आस्था की कौन-सी बात कर रही है?" मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सामने इतिहास के तथ्य मौजूद हैं और राजनीतिक दलों को अपने पुराने रुख को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष आज ऐसे मुद्दों पर बयान दे रहा है, जिन पर उसका पूर्व का रवैया बिल्कुल अलग रहा है।

धार्मिक विरासत को लेकर भी विपक्ष पर हमला

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदू धार्मिक स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने धार्मिक स्थलों के विकास की अनदेखी की। उन्होंने कहा, "जो धार्मिक हिंदू विरासत के धर्मस्थलों के पुनरुद्धार का पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल पर खर्च कर देते थे, वे आज किस आस्था की बात कर रहे हैं?" मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं और अयोध्या, काशी तथा मथुरा सहित कई धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी गई है।

विकास बनाम तुष्टिकरण की राजनीति

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के आधार पर आगे बढ़ रही है, जबकि विपक्ष जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब विकास चाहती है और इसी कारण सरकार की योजनाओं को व्यापक समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है।

जनता से विपक्ष से सवाल पूछने की अपील

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से उनके पुराने राजनीतिक रुख पर सवाल पूछने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि जो दल पहले राम मंदिर, अयोध्या और धार्मिक विरासत के मुद्दों पर अलग रुख रखते थे, वे आज किन परिस्थितियों में अपने बयान बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी निर्णायक होती है और वही तय करती है कि किसकी बात पर विश्वास करना है। उन्होंने लोगों से विकास, सुशासन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।