
Raja Uday Pratap Singh Muharram, Bhadri Mahal Pratapgarh : राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को मुहर्रम पर किया गया नजरबंद, PC- Patrika
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मुहर्रम आते ही एक नाम फिर चर्चा में आ जाता है। भदरी रियासत के राजा उदय प्रताप सिंह का। कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को प्रशासन ने एक बार फिर मुहर्रम के दौरान नजरबंद कर दिया है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था कि पिछले एक दशक से हर साल मुहर्रम के मौके पर प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ता है?
दरअसल, इसकी शुरुआत साल 2012 से जुड़ी है। कुंडा के शेखपुर गांव में एक बंदर की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे एक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था। इसके बाद राजा उदय प्रताप सिंह ने वहां हर साल मुहर्रम के दिन हनुमान चालीसा पाठ और भंडारे का आयोजन शुरू कर दिया।
साल 2013 और 2014 में मुहर्रम जुलूस और इस धार्मिक आयोजन के दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। प्रशासन का मानना है कि दोनों कार्यक्रम एक ही समय पर होने के कारण सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों से जिला प्रशासन एहतियातन उदय प्रताप सिंह और उनके प्रमुख समर्थकों की गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाता रहा है।
इस वर्ष भी प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उदय प्रताप सिंह को गुरुवार सुबह से शुक्रवार रात 9 बजे तक भदरी महल में नजरबंद कर दिया है। उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है और हाउस अरेस्ट का नोटिस चस्पा किया गया है।
प्रशासन ने केवल उदय प्रताप सिंह ही नहीं, बल्कि उनके 13 समर्थकों पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। इनमें निर्भय सिंह बेंती, जुगनू विश्वकर्मा, हनुमान पांडेय, जीतेंद्र यादव, आनंद पाल, रमाकांत मिश्रा, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह, केशरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, गया प्रसाद प्रजापति और मोहन समेत अन्य लोग शामिल हैं।
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर का कहना है कि मुहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए यह एहतियाती कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने इस बार भी शेखपुर स्थित मंदिर पर होने वाले भंडारे की अनुमति नहीं दी है।
गौरतलब है कि भदरी रियासत और राजा भैया का परिवार पूर्वांचल की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है। ऐसे में हर साल मुहर्रम के दौरान उदय प्रताप सिंह को नजरबंद किए जाने की कार्रवाई प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन जाती है। प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कवायद बताता है, जबकि समर्थक इसे धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक के तौर पर देखते हैं।
Published on:
26 Jun 2026 03:11 pm
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