
प्रतापगढ़. यूपी में एक बार फिर डेंगू ने दस्तक दी है। प्रतापगढ़ में एक प्रतियोगी छात्र की डेंगू से मौत हो गई । छात्रसप्ताह भर पहले सब इंस्पेक्टर की परीक्षा देकर कानपुर से घर लौटा था। घटना के बाद घर में कोहराम मचा है।
रानीगंज थाना क्षेत्र के भागीपुर लिलहा निवासी नौशाद (२५) पुत्र नासिर कोटेदार बीते सप्ताह कानपुर से सब इंस्पेक्टर का परीक्षा देकर घर लौटा था। वहां से लौटने के बाद उसे बुखार होने लगा। परिजनों ने रानीगंज सीएचसी में उसका इलाज कराया। आराम नहीं मिलने पर निजी अस्पताल ले गये। जांच के बाद पता चला कि उसे डेंगू हुआ है। चिकित्सक ने दवा देकर घर भेज दिया। सोमवार देर रात हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर रानीगंज सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।
बुझ गया घर का चिराग
नौशाद लिलहा रानीगंज निवासी नासिर कोटेदार का इकलौता बेटा था। नौशाद पढ़ने में बहुत तेज था और वह पीसीएस की तैयारी कर रहा था। सप्ताह भर पहले वह कानपुर परीक्षा देने गया था। घर से निकलने से लेकर लौटने तक वह ठीक था। मगर दूसरे दिन से उसे तेज बुखार आने लगा। चेहरा लाल पड़ने लगा और सिर में अत्याधिक दर्द होने लगा। इससे परिजन भी परेशान हो गए। नौशाद पांच बहनो में इकलौता भाई था। उसके मौत से नासिर कोटेदार के घर का चिराग बुझ गया। नासिर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
वहीं इस संबंध में जिला अस्पताल के डॉक्टर मनोज खत्री का कहना है कि प्रतापगढ़ में डेंगू मच्छर नहीं हैं। दूसरे जिले के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। इतना जरूर है कि यदि सफर कर लौटने के बाद तेज बुखार आने लगे तो जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से इलाज कराना चाहिए। डॉक्टर के कहने पर डेंगू की जांच करानी चाहिए।
सीएमओ डॉक्टर अरविंद श्रीवास्तव का कहना है कि जिले में किसी के डेंगू से मौत की खबर नहीं है। मेडिकल कॉलेज या फिर किसी सरकारी अस्पताल से इस तरह की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। अब मलेरिया इंस्पेक्टर को भेजकर नौशाद के घर के आसपास दवा का छिड़काव करवा दिया जा रहा है। संदिग्ध लोगों का जांच के लिए नमूना लेने के लिए कहा गया है।
BY- SUNIL SOMVANSHI